जीवोत्थान पंचांगम् एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक समेकित राशि फल सहित) {#यह सेवा जिन सज्जनों के लिए काम आ सके तदर्थ है।ज्योतिर्विद- सुविज्ञों के लिए आवश्यक नहीं# } (महर्षि यादवेन्द्र शिक्षाचार्य , Rtd RES, भाषात्रयी आशुसाहित्यकार) Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman दिनांके -(आँग्ल) 13/10/2021, बुधवार राष्ट्रीय भारतीय दिनांक 21/07/1943 21 आश्विन मास1943 सृष्टिगतसौरार्कदिनांक - 25/06 /1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था) भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक 23/07/2078 ( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) अष्टमी, शुक्ल पक्ष आश्विन तिथि अष्टमी20:07:23 पक्ष शुक्ल नक्षत्र पूर्वाषाढा10:18:06 योग सुकर्मा27:46:07* करण विष्टि भद्रा08:54:19 करण बव20:07:23 माह (अमावस्यांत)आश्विन माह (पूर्णिमांत)आश्विन चन्द्र राशि धनु 16:04:55तक ।
चन्द्र राशि मकर 16:04:55से।
सूर्य राशि कन्या सूर्योदय06:34:13 सूर्यास्त18:10:25 दिन काल11:36:11 रात्री काल12:24:15 चंद्रोदय13:38:46 चंद्रास्त24:26:32* सूर्योदयलग्न कन्या25°46' , सूर्य नक्षत्र चित्रा चन्द्र नक्षत्र पूर्वाषाढा आज के नामकरणाक्षर पद, चरण4 ढापूर्वाषाढा10:18:06 1 भे उत्तराषाढा16:04:55 2 भो उत्तराषाढा21:53:13 3 जा उत्तराषाढा27:43:02* मुहूर्त राहु काल12:22 - 13:49अशुभ यम घंटा08:01 - 09:28अशुभ अभिजित्11:59 -12:46अशुभ दूर मुहूर्त11:59 - 12:46अशुभ चोघडिया, दिन लाभ06:34 - 08:01शुभ अमृत08:01 - 09:28शुभ काल09:28 - 10:55अशुभ शुभ10:55 - 12:22शुभ रोग12:22 - 13:49अशुभ उद्वेग13:49 - 15:16अशुभ चर15:16 - 16:43शुभ लाभ16:43 - 18:10शुभ चोघडिया, रात उद्वेग18:10 - 19:43अशुभ शुभ19:43 - 21:16शुभ अमृत21:16 - 22:50शुभ चर22:50 - 24:23*शुभ।
रोग24:23* - 25:56*अशुभ काल25:56* - 27:29*अशुभ लाभ27:29* - 29:02*शुभ।उद्वेग29:02* - 30:35*अशुभ होरा, दिन बुध06:34 - 07:32 चन्द्र07:32 - 08:30 शनि08:30 - 09:28 बृहस्पति09:28 - 10:26 मंगल10:26 - 11:24 सूर्य11:24 - 12:22 शुक्र12:22 - 13:20 बुध13:20 - 14:18 चन्द्र14:18 - 15:16 शनि15:16 - 16:14 बृहस्पति16:14 - 17:12 मंगल17:12 - 18:10 होरा, रात सूर्य18:10 - 19:12 शुक्र19:12 - 20:14 बुध20:14 - 21:16 चन्द्र21:16 - 22:19 शनि22:19 - 23:21 बृहस्पति23:21 - 24:23* मंगल24:23* - 25:25* सूर्य25:25* - 26:27* शुक्र26:27* - 27:29* बुध27:29* - 28:31* चन्द्र28:31* - 29:33* शनि29:33* - 30:35* अंतिम कॉलम अंत समय है. होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी) ++++++++++++++++ विशेष विवेचन - आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध - सरस्वती बलिदान।
दुर्गाष्टमी। महाष्टमी। पूर्व अग्नि दक्षिण दिशाएँ प्रभावित।वाणिज्य राज जनहित योजना ।शिक्षा-तकनीकी एवं विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में नव चिंतन ।
ग्राफिक्स वणिक्प्रभावित पर। ############## *अन्तिम कालम अन्त समाप्तिकाल है।
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य।
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @ ################## जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान (विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य) (एकन्दर राशि फल बोध ++++++++++++ कुंभ सिंह धन कर्क मकर राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , तुला मिथुन वृष कन्या के लिए अड़चन फलद समय तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान मेष - अनुकूलता 59 % वृष. - मिश्रित 58 % मिथुन - ठीक ठाक 43 % कर्क. - मिश्रित 61 % सिंह. - मिश्रित 63 % कन्या. - उलझन 65 % तुला. उलझन 58 % वृश्चिक. अनुकूलता 59 % धन. - मिश्रित 61 % मकर. - अवरोध 56 % कुंभ. - मिश्रित 58 % मीन. - लाभ65 % विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः मिश्रित फलद है।
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि समेकित फलानुमान ================ (अक्टूबर पूर्वार्द्ध ) मेष - - अनुकूलता वृष - - - -अच्छा मिथुन - - - - - - परेशानी कर्क - - - - - लाभ सिंह - - - - -लाभदायक कन्या - - - - अवरोध तुला - - - - परेशानी वृश्चिक - - - - उन्नति धन - - - - - - - - - अच्छा मकर - - - - - तरक्की कुंभ - - - - - - अवरोध मीन - - - - - - अच्छा {(जीवात्मा की विचित्रता, ग्रह-प्रकृति फल भोग।
कर्मफल के सार से, जीवनचक्र - संजोग ।। स्वात्मदेव सुसाक्षी रख, स्मरण परब्रह्म साथ।
स्वशुद्धभाव कर्मरत् हो , तो साथ रहे नाथ। सम्मान प्रदान, दिया , लिया,,यथा भाग्य सब लेख।
सुजन निभावे पात्रता, आप्राण विधि- प्रलेख।। )} भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
"ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।।
ॐमहर्षि - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर
