विलनियस । लिथुआनिया आखिरकार औपचारिक रूप से बृहस्पतिवार को यूरोपीय संघ (ईयू) में शामिल हो गया।
यह ईयू की एकल मुद्रा यूरो को स्वीकार करने वाला बाल्टिक सागर के तट पर स्थित आखिरी देश है। यूरोजोन के कर्ज संकट और महंगाई की आशंका के बावजूद लिथुआनिया ने अपनी अर्थव्यवस्था में स्थिरता को बढ़ावा देने की कोशिश के तहत यह कदम उठाया है।
यूरोजोन का 19वां सदस्य देश बनते ही लिथुआनिया के नेताओं ने बुधवार मध्य रात्रि के बाद विलनियस के एक बैंक से पहली बार यूरो मुद्रा निकाली। अब इस मुद्रा का इस्तेमाल करने वाले यूरोपीय सदस्यों की कुल संख्या 33.7 करोड़ हो गई है।
बाल्टिक सागर के तट पर स्थित तीन देश 2004 में ईयू और नाटो में शामिल होने से पहले 1990-91 के बीच सोवियत संघ से मुक्त हुए थे।