मुख्य सामग्री पर जाएँ
शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

पंचायतीराज जनप्रतिनिधि सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम

गांवों के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम, मिलकर करें ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास

WAf𝕏TGin✉🖨
पंचायतीराज जनप्रतिनिधि सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम

उदयपुर। पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद एवं ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से शुक्रवार को नगर निगम के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में जिला स्तरीय पंचायतीराज जनप्रतिनिधि सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, नगर निगम महापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी गजपालसिंह, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रीतम कुमार सहित पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।जयपुर में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का जिला स्तरीय समारोह में सीधा प्रसारण किया गया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों से वर्चुअल संवाद किया।

संवाद के दौरान सरपंचों ने ग्राम पंचायत स्तर पर किए जा रहे विकास कार्यों, ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा ग्राम हित में किए गए नवाचारों की जानकारी साझा की।

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया।सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि गांवों का विकास देश और प्रदेश के समग्र विकास की आधारशिला है।

पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के साथ सीधे जुड़े होते हैं और उनकी समस्याओं को सबसे पहले समझते हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सरपंच एवं अन्य पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है, जब जनप्रतिनिधि और प्रशासन आपसी समन्वय से कार्य करें।

उन्होंने सरपंचों से गांव की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने, आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा पात्र लोगों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।कार्यक्रम में पंचायतीराज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद हुआ।

जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों और अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के साथ जनप्रतिनिधियों को सरकार की योजनाओं एवं प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।