उदयपुर। 29अक्टूबर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद बंद पड़ी एक फैक्ट्री को खोलने का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। फैक्ट्री संचालक सैफुद्दीन ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) अशोक आदित्य और उनकी टीम पर अनावश्यक भय पैदा करने और परेशान करने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से शिकायत की है। उनका कहना है कि फैक्ट्री नहीं खुलने से उन्हें प्रतिदिन आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायत में बताया गया कि 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे फैक्ट्री परिसर में प्रवेश करने के लिए अधिकारियों को फिर से सूचना दी गई। संचालक के अनुसार, अधिकारियों के उपस्थित नहीं होने पर भी वे विभागीय कार्रवाई और संभावित परेशानी की आशंका के चलते फैक्ट्री में प्रवेश नहीं कर सके।
फैक्ट्री संचालक सैफुद्दीन ने बताया कि शिकायत के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कार्यालय, सीएमएचओ उदयपुर की टीम सैफुद्दीन की फैक्ट्री में जांच के लिए पहुंची थी। उस समय फैक्ट्री बंद मिली। इसके बाद वहां एक पर्ची चस्पा की गई, जिसमें निर्देश दिया गया कि फैक्ट्री खोलने पर चिकित्सा विभाग की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
सैफुद्दीन के मुताबिक, विभाग के निर्देशों की पालना करते हुए उन्होंने जिला कलेक्टर और संबंधित चिकित्सा विभाग को लिखित सूचना दी कि फैक्ट्री खोली जाएगी और अधिकारियों से मौके पर उपस्थित रहने का आग्रह किया।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के फूड इंस्पेक्टर तो पहुंचे, लेकिन सीएमएचओ अशोक आदित्य उपस्थित नहीं हुए। संचालक का कहना है कि अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण फैक्ट्री खोलने की कार्रवाई नहीं की गई।
इसकी सूचना जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक को भी दी गई।
सैफुद्दीन ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से फैक्ट्री खोलने को लेकर पैदा हुई स्थिति के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री बंद रहने से कारोबार प्रभावित हो रहा है और प्रतिदिन आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर फैक्ट्री खोलने की प्रक्रिया स्पष्ट कराने, संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और नियमानुसार जल्द कार्रवाई कराने की मांग की है।
