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विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जलझूलनी एकादशी पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

जल, प्रकृति और सनातन परम्परा के प्रति कृतज्ञता का पर्व:- स्पीकर देवनानी

मुख्य बिंदु
  • राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
  • विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि जलझूलनी एकादशी भगवान विष्णु की आराधना और श्रद्धा-भक्ति का पावन पर्व है।
  • सनातन परम्परा में यह पर्व भगवान के जल-विहार और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के भाव से भी जुड़ा है।
  • उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का संचार हो तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में आरोग्य एवं खुशहाली आए।
  • स्पीकर देवनानी ने कहा कि जल और जीवन के प्रति श्रद्धा का यह भाव हमारी विविध भारतीय परम्पराओं में समान रूप से दिखाई देता है।
  • सिंधी समाज की आस्था में भगवान श्री झूलेलाल को वरुण देव के स्वरूप के रूप में पूजने की परम्परा रही है।
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जयपुर। राजस्थान विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जलझूलनी एकादशी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

विधानसभाध्यक्ष देवनानी ने कहा कि जलझूलनी एकादशी भगवान विष्णु की आराधना और श्रद्धा-भक्ति का पावन पर्व है। सनातन परम्परा में यह पर्व भगवान के जल-विहार और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता के भाव से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल का संचार हो तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में आरोग्य एवं खुशहाली आए।

स्पीकर देवनानी ने कहा कि जल और जीवन के प्रति श्रद्धा का यह भाव हमारी विविध भारतीय परम्पराओं में समान रूप से दिखाई देता है। सिंधी समाज की आस्था में भगवान श्री झूलेलाल को वरुण देव के स्वरूप के रूप में पूजने की परम्परा रही है।

जल, सद्भाव, सेवा और मानवता का यह संदेश भारतीय संस्कृति की उस व्यापक चेतना को अभिव्यक्त करता है, जो प्रकृति के प्रति सम्मान और समाज में प्रेम एवं भाईचारे की भावना को सुदृढ़ करती है।विधानसभाध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों से जल एवं पर्यावरण संरक्षण को जीवन का संस्कार बनाने और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परम्पराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।