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राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित

जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती

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राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती समारोह आयोजित

जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी ने किया।

इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. उमा मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम का समन्वय विभाग के विद्यार्थियों द्वारा किया गया तथा संचालन स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा अग्रिमा कपूर ने किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने दोनों महान राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के ऐतिहासिक, दार्शनिक एवं मनोवैज्ञानिक योगदान पर विचार प्रस्तुत किए।विशिष्ट अतिथि प्रो. उमा मित्तल ने गांधीवादी दर्शन एवं उसके मनोवैज्ञानिक पक्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने गांधीवादी विचारधारा को समझने में सकारात्मक मनोविज्ञान को एक प्रमुख दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने सत्याग्रह की अवधारणा को आत्म-नियमन, सहानुभूति, परिप्रेक्ष्य ग्रहण करने की क्षमता तथा रचनात्मक संघर्ष-समाधान से जोड़ते हुए इसकी प्रासंगिकता समझाई।

उन्होंने अहिंसा, सत्य, करुणा एवं सर्वोदय (सर्वजन के कल्याण) जैसी प्रमुख गांधीवादी अवधारणाओं की व्याख्या करते हुए बताया कि ये मूल्य व्यक्तिगत कल्याण, सकारात्मक मानवीय संबंधों और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा भी अपने विचार साझा किये गये।आशी मित्तल ने गांधीवादी दर्शन के मनोवैज्ञानिक पक्ष पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए आत्म-अनुशासन, भावनात्मक नियंत्रण, सहानुभूति, अहिंसा एवं शांतिपूर्ण संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।

विजय कुमार अटल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए तथा 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के साथ शास्त्री जयंती मनाए जाने के महत्व को रेखांकित किया।कार्यक्रम के पश्चात विभाग परिसर में स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस पहल ने स्वच्छता, अनुशासन एवं सामूहिक जिम्मेदारी के मूल्यों को प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का समापन प्रो. पुरी द्वारा विद्यार्थियों को गांधीजी और शास्त्री जी के आदर्शों एवं योगदान से प्रेरणा लेते हुए सत्य, अनुशासन, करुणा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के संदेश के साथ किया गया।