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बीकानेर मंडल पर लालगढ़ स्टेशन यार्ड में किया गया आपदा प्रबंधन का संयुक्त अभ्यास (मॉक ड्रिल)

रेलवे, एनडीआरएफ, सिविल डिफेन्स तथा अन्य एजेंसियो के संयुक्त तत्वाधान में हुई मॉक ड्रिल

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बीकानेर मंडल पर लालगढ़ स्टेशन यार्ड में किया गया आपदा प्रबंधन का संयुक्त अभ्यास (मॉक ड्रिल)

बीकानेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल के लालगढ़ स्टेशन यार्ड में, संरक्षा विभाग द्वारा बुधवार को सुबह मॉक ड्रिल की गई।इस मॉक ड्रिल के अन्तर्गत गाडी संख्या 19720 (सूरतगढ़-जयपुर) जब लालगढ़ स्टेशन यार्ड में प्रवेश कर रही थी उसी समय इस ट्रेन के दो कोच 11.11 बजे डिरेलमेंट हो गये।

इस स्थिति को देखकर ट्रेन मैनेजर ने तत्परता दिखाते हुए स्टेशन मास्टर को तुरंत सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल के माध्यम से उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

इसके बाद अधिकारियों ने सेल्फ प्रोपेल्ड एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन एवं दुर्घटना राहत गाड़ी को घटनास्थल पर पहुँचने का आदेश दिया साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल व राज्य आपदा मोचन बल को भी सूचित किया।

आदेश पाकर उक्त राहत प्रदान करने वाली गाडीयां घटना स्थल लालगढ़ स्टेशन यार्ड के लिए रवाना हुई। अधिकारियों ने रेलवे अस्पताल लालगढ़, राजकीय अस्पताल बीकानेर, अग्निशमन विभाग, स्काउट गाइड एवं सिविल पुलिस बल को सहयोग के लिए तत्काल सूचित किया गया।

घटनास्थल पर एक स्लीपर कोच दूसरे स्लीपर कोच के ऊपर चढ़ा हुआ था। इस स्थिति को देखकर सभी बचाव दलों, दुर्घटना राहत गाड़ियों व एसपीएआरटी ने त्वरित गति से कार्य शुरू किया।

इसमें एनडीआरएफ की टीम ने टीम के सदस्यों ने अपनी सूझबूझ में अत्याधुनिक तकनीकी मशीनों से त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में महती भूमिका निभाने का प्रदर्शन किया।

सर्वप्रथम दुर्घटनास्थल को विशेष चमकीले टैग से घेराबंदी किया गया और उसमें अनावश्यक खड़ी जनता को दूर किया गया, फिर एनडीआरएफ की टीम द्वारा लाउडस्पीकर से घोषणा की गई, कि हमारी टीम द्वारा सभी फंसे हुए घायलों को बाहर निकाल लिया जाएगा आप धैर्य बनाए रखें और अपना सहयोग प्रदान करें।इस घटना में कुल 38 व्यक्ति घायल हुए जिनको बाहर निकालकर उपचार किया गया।

इसमें कुछ घायलों को निजी प्राइवेट हॉस्पिटल एवं स्थानीय सरकारी अस्पताल में भी उपचार हेतु एंबुलेंस के माध्यम से भेजा गया। इस मॉकड्रिल में कुल 7 एम्बुलेंस पहुँची जो रेलवे, राजकीय एवं प्राइवेट हॉस्पिटल, 108 एंबुलेंस की सर्विस सम्मिलित थी।

इस प्रक्रिया में चिकित्सा विभाग द्वारा घरेलू की एक सूची तैयार की गई, जिसमें रेलवे स्टाफ निश्चित किया कि कोई भी घायल अब इन कोचों में नहीं बचा है।

12.15. बजे मंडल रेल प्रबन्धक गौरव गोविल ने इसको मॉक ड्रिल घोषित कर दिया।

उक्त मॉक ड्रिल की पूरी प्रक्रिया की ड्रोन कैमरे की सहायता से निगरानी एवं फोटोग्राफी की गई सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग द्वारा घटनास्थल से लाइव प्रसारण किया गया जिसकी मंडल कार्यालय एवं मुख्यालय के डिजास्टर मैनेजमेंट रूम में बैठे अधिकारियों द्वारा निगरानी रखी गई इसके लिए हेल्पलाइन काउंटर खोले गए एवं टेलीफोन नंबर दिए गए, जिन्हें चेक भी किया गया।जनसम्पर्क विभाग द्वारा मीडीया को दुर्घटना से सम्बन्धित वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराई गयी।

इसके साथ ही हेल्पलाइन नम्बर जारी किये गये व घायलों के परिजनों से सम्पर्क (समन्वय) हेतु सार्थक प्रयास किये गये।

रेलवे के वाणिज्य, यांत्रिक, इंजीनियरिंग, संरक्षा, चिकित्साएं, परिचालन, सिगनल एवं दूरसंचार, कार्मिक विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया।अंत में मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल मीडिया से प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि मॉक ड्रिल पूर्णतः सफल रही सभी संसाधन रेलवे द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार त्वरित गति से कार्य कर रहे हैं स मंडल रेल प्रबन्धक ने असिस्टेंट एनडीआरफ श्री प्रवीण कुमार, वैभव सुहानी चीफ रोलिंग स्टॉक जयपुर (मुख्यालय), सतबीर जाजडा सीएमओ व उक्त सभी की टीम का धन्यवाद किया साथ ही भविष्य में इस प्रकार की एक्सरसाइज में इसी जॉब्स के साथ सहयोग की आशा जताई।

वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजय सिंह सेंगर ने भी इस मॉक एक्सरसाइज हेतु सभी का तहेदिल से आभार प्रकट किया। इस मॉक ड्रिल में अपर मंडल रेल प्रबन्धक राजेन्द्र सिंह चौधरी सहित मंडल के सभी शाखा अधिकारी व् अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पूरी प्रक्रिया आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों के चुस्त-दुरुस्त (कार्यशील) होने एवं अभ्यास के लिए की गई जिसमें रेलवे के निर्धारित मापदंड के अनुसार सब कुछ सही पाया गया एवं अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा हुआ।