उदयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत', 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' के विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) के खेल मैदान में आयोजित चार दिवसीय 'सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो — 2026' के तीसरे दिन रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा।
अवकाश का दिन होने के कारण सुबह से ही शुरू हुई आगंतुकों की आवाजाही शाम ढलते-ढलते विशाल हुजूम में तब्दील हो गई।
पूरे परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची और व्यावसायिक समझौतों से लेकर खरीदारी तक का अद्भुत माहौल देखने को मिला।एक्सपो संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के मार्गदर्शन में सजे इस भव्य मेले में तीन विशाल डोम तैयार किए गए हैं।
इनमें से दो डोम शुद्ध रूप से बीटूबी (बिजनेस टू बिजनेस) को समर्पित हैं, जहाँ उद्योगपति, व्यापारी और निवेशक आपस में दीर्घकालिक व्यावसायिक रिश्ते प्रगाढ़ कर रहे हैं।
वहीं, तीसरा अहिल्या बाई होल्कर डोम बीटूसी (बिजनेस टू कस्टमर) का केंद्र बना हुआ है, जहाँ उत्पादों की विविधता देखकर शहरवासियों के हाथ खरीदारी से रुक नहीं रहे हैं।महाराणा कुंभा को समर्पित पहले डोम से प्रवेश कर दूसरे भामाशाह डोम तक पहुँचते-पहुँचते मेलार्थी शहर के औद्योगिक सामर्थ्य को देखकर दंग रह रहे हैं।
रविवार को कई आगंतुक यह जानकर गर्व और आश्चर्य से भर उठे कि प्लास्टिक को मनचाहा आकार देने वाली अत्याधुनिक इंडस्ट्रीज उदयपुर में स्थापित हैं। तांबे के बर्तनों पर चांदी की बेहद कलात्मक व टिकाऊ कोटिंग का काम भी उदयपुर में होता है।
वेल्डिंग मशीनें और अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एयर कम्प्रेशर स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे हैं। कई ऐसे जाने-माने हेल्थकेयर उत्पाद, जिन्हें लोग बाहरी ब्रांड समझकर इस्तेमाल कर रहे थे, वे असल में उदयपुर की ही धरती पर निर्मित हो रहे हैं।
इन दोनों डोम में व्यापार विस्तार के इच्छुक उद्यमी स्टॉलों पर ही कंपनियों से हाथ मिला रहे हैं।
हाथों-हाथ ऑर्डर्स बुक हो रहे हैं और भावी बैठकों की तारीखें तय की जा रही हैं।इसके बाद जब घूमते हुए आगंतुक औद्योगिक नवाचारों को देखते हुए जब तीसरे अहिल्याबाई डोम में पहुँचते हैं, तो वहां सजी स्टॉल्स देखकर उनकी थकान मानों काफूर हो जाती है और वे पूरे उत्साह के साथ घरेलू उपयोग की सामग्रियों की खरीदारी में जुट जाते हैं।पारंपरिक हस्तशिल्प से लेकर औद्योगिक घरानों की तकनीक का संगम—एक्सपो प्रवक्ता डॉ. अवनीश व्यास ने बताया कि यह आयोजन केवल व्यापार बढ़ाने का ही नहीं, बल्कि नए व्यापारिक संबंध गढ़ने का एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध हो रहा है।
एक्सपो में एक तरफ जहाँ घुमंतू समाज के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों की सादगी दिल जीत रही है, वहीं दूसरी ओर मेवाड़ के दिग्गज औद्योगिक घराने—हिंदुस्तान जिंक, मिराज ग्रुप, पेस्टीसाइड इंडिया, लिब्रा, सिक्योर मीटर्स, वोलकेम ग्रुप अपनी तकनीकी उत्कृष्टता का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।दिनभर ऑटोमोबाइल, आयुष, हेल्थकेयर, बिल्डिंग मटेरियल, फर्नीचर, ऑर्गेनिक फूड, सोलर, इलेक्ट्रिक, मैकेनिकल और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमपीयूएटी) के उन्नत कृषि नवाचारों से जुड़ी स्टॉल्स पर बीटूबी और बीटूसी व्यापारिक संवाद का तांता लगा रहा।प्रवक्ता डॉ. व्यास ने बताया कि एक्सपो में आने वाले मेलार्थियों की सुविधा के लिए फतेह स्कूल मैदान में सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था की गई है।
वहाँ से एक्सपो स्थल तक 'पिंक परी क्लब' की महिला ई-रिक्शा चालकों द्वारा दी जा रही निःशुल्क परिवहन सेवा सभी आगंतुकों को विशेष रूप से प्रभावित कर रही है।
महिला सशक्तिकरण की यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है।इसके साथ ही, रविवार को 'आर्ट एवं सोशल अवेयरनेस' कार्यक्रम के तहत 'अर्बन स्केचर' समूह के कलाकारों ने कैनवास पर लाइव पेंटिंग बनाकर सामाजिक चेतना, कला और समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली संदेश दिया, जिसे देखने युवाओं की भारी भीड़ जुटी।व्यापारिक व सामाजिक प्रतिनिधिमंडलों ने की एक्सपो की सराहना—रविवार को शहर के प्रमुख व्यापारिक, औद्योगिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मेले का गहन अवलोकन किया और सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के इस प्रयास को मेवाड़ के आर्थिक पुनरुत्थान के लिए मील का पत्थर बताया।
अवलोकन करने वालों में मिराज ग्रुप के कार्यकारी अधिकारी प्रमोद पालीवाल व उनका प्रतिनिधिमंडल, कृषि उपज मंडी एसोसिएशन, बड़ा बाजार एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, गौतम बिजनेस ग्रुप एवं गौतमी क्लब, उदयपुर के पदाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।समापन समारोह सोमवार शाम को—संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि चार दिवसीय एक्सपो का औपचारिक समापन समारोह सोमवार, 5 अक्टूबर को सायंकाल 5 बजे होगा।
मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री व उदयपुर के प्रभारी मंत्री हेमंत मीणा होंगे।
विशिष्ट अतिथि एमपीयूएटी के कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह, पायरोटेक ग्रुप के चेयरमैन प्रताप सिंह तलेसरा, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, उपमहापौर दिनेश भट्ट एवं भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली होंगे।वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे पर आज 'विरासत भी—विकास भी' पर जुटेंगे विशेषज्ञ—मेला प्रशासनिक अधिकारी व सांसद प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने बताया कि समापन समारोह से पूर्व सोमवार दोपहर 12 बजे 'वर्ल्ड आर्किटेक्चर डे' के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री के विजन 'विरासत भी—विकास भी' विषय पर विशेष संवाद सत्र होगा।
NEXKNOS निर्माण एक्सपो एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस परिचर्चा में शहर के शीर्ष आर्किटेक्ट्स, इंजीनियर्स, इंटीरियर डिजाइनर्स, बिल्डर्स और कंस्ट्रक्शन प्रोफेशनल्स सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के साथ विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नवनिर्वाचित महापौर पारस सिंघवी करेंगे, जिसमें उदयपुर के ऐतिहासिक स्वरूप के संरक्षण और भविष्य के नियोजित विकास का खाका तैयार किया जाएगा।स्वदेशी एक्सपो में निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श व जांच शिविर—मेले में व्यापार के साथ-साथ जनस्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया।
रविवार को सेवा भारती द्वारा लगाए गए शिविर में 75 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य परामर्श दिया गया तथा रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर, बॉडी फैट एनालिसिस और बीएमआई (बीएमआई) की पूरी तरह निःशुल्क जांच की गई।
साथ ही सेवा भारती चिकित्सालय के आगामी आवासीय शिविर की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त, अनंता हॉस्पिटल की ओर से भी एक्सपो में आगंतुकों के लिए कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।सीटीएई की पोस्ट हार्वेस्ट मशीनरी किसानों व युवाओं के लिए बनी आकर्षण—एक्सपो में एमपीयूएटी के स्टॉल संख्या 202 पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना—फसल कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी, सीटीएई की तकनीकी प्रदर्शनी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।
परियोजना प्रभारी डॉ. दीपक राजपुरोहित ने लहसुन बल्ब ब्रेकर और एलोवेरा जूस एक्सट्रैक्टर मशीन का लाइव डिमॉन्स्ट्रेशन दिया। उन्होंने बताया कि 'उत्पादन से प्रसंस्करण और प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन' अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
प्रदर्शनी का अवलोकन जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और कुलगुरु प्रो. प्रताप सिंह ने कर किसान हितैषी नवाचारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
