श्रीगंगानगर। रिद्धि सिद्धि कॉलोनी प्रथम के प्लैटिनम पार्क में श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित हाईटेक रामलीला का आज दसवें और अंतिम दिन विधिवत समापन हो गया।
अहंकारी रावण और उसके परिवार के युद्ध में मारे जाने तथा प्रभु श्री राम के माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ अयोध्या वापसी पर राजतिलक किए जाने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
बड़ी संख्या में लोगों ने भव्य मंचन देखकर आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया और हाईटेक प्रस्तुति की जमकर सराहना की। अंतिम दिन मुख्य अतिथि विनित जिंदल, शैलेन्द्र साहू और हितेश मित्तल रहें।
राजतिलक श्रीमती बिमला शाहा और बाबा भूषण गोयल ने किया।
मंगलवार को अंतिम दिन की रामलीला की शुरुआत युद्ध घोष के साथ हुई। युद्ध मैदान में जाने से पूर्व रावण द्वारा शिव की पूजा किए जाने के प्रसंग को दिखाया गया।
इसके बाद रामा दल में मेघनाथ द्वारा यज्ञ किए जाने की सूचना मिलने पर उसके यज्ञ का विध्वंस करते हुए युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया।
रावण को मेघनाथ द्वारा राम-लक्ष्मण के साथ युद्ध न करने की सलाह दी गई, किंतु रावण ने उसे कायर और डरपोक बताते हुए युद्ध में भेज दिया। युद्ध में मेघनाथ का वध हो गया।
अगले दृश्य में रावण के दरबार में अहिरावण का आगमन दिखाया गया। रावण द्वारा कुटिल योजना बताए जाने पर अहिरावण वेश बदलकर राम दल में पहुंचा और सोते हुए राम तथा लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले गया।
इसके बाद पाताल लोक का दृश्य दिखाया गया। तत्पश्चात रावण के दरबार में अहिरावण के मारे जाने की सूचना पहुंची।
अंत में स्वयं रावण मैदान में उतरा और युद्ध में मारा गया। मृत्यु शैया पर पड़े रावण के पास राम-लक्ष्मण को भेजा गया और उससे ज्ञान प्राप्त करने को कहा गया।
लक्ष्मण को ज्ञान रूपी संबोधन करने के बाद रावण ने प्राण त्याग दिए।इसके बाद अयोध्या वापसी का प्रसंग दिखाया गया, जिसमें लोगों ने राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान का भव्य स्वागत किया।
अंत में राजतिलक का आयोजन किया गया।
अंतिम दिन आए हजारों लोगों ने इस भव्य और हाईटेक रामलीला के लिए आयोजन समिति का धन्यवाद ज्ञापित किया। सभी ने मंचन की सराहना की।
रामलीला सेवा समिति की नई कार्यकारिणी द्वारा रामलीला का सफल मंचन किया गया।
मंचन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी महानुभावों का समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा, सचिव दिनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष निखिल गोयल, निर्देशक सुभेष देहडान, संरक्षक कृष्ण गुनेजा, पवन वधवा, संजय गोयल, विधि मंत्री गुरमेश धींगडा एडवोकेट , रामलीला प्रभारी भूषण अरोड़ा, सहयोगी नरेंद्र जुनेजा, विनोद कुक्कड़, तुषार भाटिया, महेंद्र जिंदल, मनीष खत्री,अमित धींगडा, राहुल सालासर, महेश सारस्वत तथा महिला विंग की प्रभारी मल्लिका धींगडा, सुषमा बतरा, राधा गुनेजा आदि ने आभार व्यक्त किया।सभी सहयोग करने वालों को सम्मानित किया गया।
समिति ने संकल्प लिया है कि अगले वर्ष और भी शानदार तथा नए आयाम के साथ रामलीला का मंचन किया जाएगा।
