श्रीगंगानगर। पंचायत समिति श्रीगंगानगर की ग्राम पंचायत भवन गांव 11 क्यू में गुरूवार को आत्मा योजनान्तर्गत एक दिवसीय रबी किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरूआत में कृषि अनुसंधान अधिकारी (पौध व्याधि) एटीसी श्रीकरणपुर श्री दुष्यंत शाक्य ने रबी फसलों में बुवाई से लेकर कटाई तक लगने वाले प्रमुख रोग, एवं कीटों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने गेहूं में पीला रतुआ, करनाल वंट व दीमक, चना में उकठा रोग, जड़ सड़न एवं फली छेदक तथा सरसों में माहू, सफेद रतुआ, अल्टरनेरिया झुलसा एवं तना गलन के प्रबंधन पर विशेष चर्चा की।
किसानों को बीजोपचार, संतुलित उर्वरक प्रयोग, समय पर बोआई एवं नियमित फसल निगरानी के साथ आवश्यकता अनुसार अनुशंसित कीटनाशी एवं फफूंदनाशी के प्रयोग की सलाह दी।
उन्होंने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (आईपीएम) अपनाकर फसल की लागत कम करने तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त करने पर जोर दिया।उप निदेशक कृषि (सामान्य) श्री केशव कालीराना द्वारा आत्मा योजना की कृषक हित योजनाएं कृषक प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, कृषक पुरस्कार, कृषक वैज्ञानिक संवाद इत्यादि में कृषक भाग लेकर नये नवाचार को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि करने व आय बढ़ाने की सलाह दी।
उप परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री सुदेश कुमार ने बताया कि आत्मा योजना के तहत् विभिन्न गतिविधि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन, जैविक खेती, नवाचारी खेती, कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों में से किन्हीं 5 गतिविधियों में कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम (आत्मा) के तहत् कृषि उद्यमों के श्रेष्ठ कृषको को राज्य, जिला तथा पंचायत समिति स्तर के लिए चयन कर पुरूस्कृत किये जाने का प्रावधान है।इसमें राज्य स्तर पर चुने जाने वाले प्रगतिशील कृषकों को 50-50 हजार रूपये एवं जिला स्तर पर भी 10 श्रेष्ठ कृषक चुने जायेंगे जिन्हें 25-25 हजार रूपये तथा ब्लॉक स्तर पर श्रेष्ठ कृषकों का चयन कर उन्हें 10-10 हजार रूपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जायेगा साथ में प्राकृतिक खेती व जैविक खेती हेतु जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र आदि को बनाने की विधि एवं मानव जीवन में इसका क्या महत्व है पर विस्तृत रूप से चर्चा की।वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक श्री नेतराम भुवांल द्वारा कृषि विभाग की देय सुविधाओं डिग्गी निर्माण, कृषि यंत्र, कृषि पौध संरक्षण उपकरण, प्रदर्शन, पाईप लाईन, तारबंदी इत्यादि पर दिए जाने वाले अनुदान, आवश्यक दस्तावेज एवं पत्रावली किस प्रकार तैयार की जाती है आदि की विस्तार से जानकारी दी एवं उपस्थित कृषकों से कृषि से संबंधित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक रूचि लेकर भागीदारी लेने का आग्रह किया।
इसके अलावा कार्यक्रम में श्री आकाश भांभू वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, श्री गोविन्द राम वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, श्री मैनपाल कृषि पर्यवेक्षक, श्रीमती ममता देवी कृषि पर्यवेक्षक आदि भी उपस्थित रहे।
