श्रीगंगानगर । जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव एवं जिला पुलिस अधीक्षक श्री हरिशंकर के नेतृत्व में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान के तहत राजकीय गर्ल्स नर्सिंग कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि महाराजा गंगा सिंह जी के दूरदर्शी प्रयासों और हमारे पूर्वजों के अथक परिश्रम ने इस क्षेत्र को विकास, समृद्धि और कृषि की नई पहचान दी।
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की पहचान मेहनतकश किसानों, उपजाऊ जमीन और खुशहाल परिवारों से होनी चाहिए, वहां यदि युवा नशे की गिरफ्त में आने लगें तो यह केवल एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
हमें समझना होगा कि नशा केवल शरीर को बीमार नहीं करता, बल्कि परिवारों की खुशियां छीनता है, माता-पिता के सपनों को तोड़ता है और समाज की नींव को कमजोर करता है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि नशे से प्रभावित किसी व्यक्ति को तिरस्कार या उपहास की दृष्टि से देखने के बजाय उसे सही समय पर सहयोग, उपचार और पुनर्वास की राह दिखाएं।
नशे से संबंधित मानसिक अथवा व्यवहारिक समस्याओं के लिए टेली मानस हेल्पलाइन 1800-89-14416 एवं 14416 पर निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है। नशामुक्ति हैल्पलाइन 14446 का भी उपयोग किया जा सकता है।
नशे की समस्या से बाहर निकलने के लिए परिवार का साथए सही मार्गदर्शन और विशेषज्ञों की सहायता बेहद जरूरी है।श्री विक्रम ज्याणी ने कहा कि श्रीगंगानगर का 100वां स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी धरती, इतिहास और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी समय है।
महाराजा गंगा सिंह जी के सपनों का श्रीगंगानगर ऐसा होना चाहिए, जहां युवा नशे की नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, कला, सेवा और रोजगार की राह चुनें, जहां परिवारों में भय और बेबसी नहीं, बल्कि खुशहाली और विश्वास हो।उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और नागरिक इस संकल्प का हिस्सा बने कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास नशे के विरुद्ध जागरूकता की मशाल जलाएं। अपने भाइयों, मित्रों और परिचितों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें और जरूरत पड़ने पर प्रभावित व्यक्ति को मदद दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
