उदयपुर। प्रबुद्ध चिंतन प्रकोष्ठ, विज्ञान समिति, उदयपुर के तत्वावधान में आज “समय प्रबंधन” विषय पर एक सारगर्भित एवं उपयोगी वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी, पूर्व संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग ने विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. छंगाणी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन समान रूप से 24 घंटे उपलब्ध होते हैं, लेकिन कुछ व्यक्ति इन्हीं 24 घंटों का बेहतर उपयोग कर जीवन में उच्चतम सफलताएँ प्राप्त करते हैं, जबकि कुछ लोग अपेक्षित उपलब्धियाँ हासिल नहीं कर पाते। इसका प्रमुख कारण समय का उचित एवं सुनियोजित प्रबंधन है। उन्होंने समय प्रबंधन के विभिन्न आयामों को उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट करते हुए समय के सदुपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी।
मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने सफल समय प्रबंधन के तीन सूत्र “लक्ष्य चुनो, योजना बनाओ और अनुशासन से निभाओ” बताए। उनके चिंतन में समय प्रबंधन का मूल तत्व केवल समय बचाना नहीं, बल्कि समय को सही ढंग से आवंटित करना है तथा उसे अनावश्यक कार्यों में बर्बाद होने से बचाना एवं बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी बनाई हुई योजना में आवश्यक बदलाव करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. के. एल. कोठारी ने की। प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. आर. के. गर्ग ने वक्ता का स्वागत करते हुए विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा कार्यक्रम का संचालन भी किया। डॉ. के. पी. तलेसरा ने वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया। अंत में विज्ञान समिति अध्यक्ष डॉ. के. एल. तोतावत ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में इंजी. आर. के. खोखावत, डॉ. सुजान सिंह, इंजी. एस. सी. के. वेद, रेणु भण्डारी, इंजी. एम. पी. जैन, अविनाश भटनागर, डॉ. बी. एल. चावत, शांतिलाल भण्डारी, इंजी. बी. एल. खमेसरा, मुनीष गोयल, इंजी. वाई. के. बोलिया सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
