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Udaipur News

जिले के जनजातीय अंचलों के दो दिवसीय दौरे के तहत सोमवार को गिर्वा क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद कर लिया फीडबैक

अरावली क्षेत्र में जनजातीय आबादी की आजीविका निर्भरता और संभावित प्रभावों का अध्ययन करने उदयपुर पहुंचा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का दल

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जिले के जनजातीय अंचलों के दो दिवसीय दौरे के तहत सोमवार को गिर्वा क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद कर लिया फीडबैक

उदयपुर। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अरावली की पहाड़ियों एवं पर्वत श्रेणियों के संरक्षण जुड़े मामलों तथा उनसे संबंधित अन्य मुद्दों की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के समक्ष अरावली क्षेत्र में जनजातीय आबादी की आजीविका संबंधी निर्भरता तथा अरावली की परिभाषा एवं सीमांकन निर्धारित किए जाने के पश्चात जनजाति समुदाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन करने के लिए गठित राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का दल दो दिवसीय प्रवास पर सोमवार को उदयपुर पहुंचा।एनसीएसटी क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर से आए तीन सदस्यीय दल ने सोमवार को गिर्वा क्षेत्र के उमरड़ा, झामर कोटड़ा सहित विभिन्न जनजातीय गांवों का दौरा कर वहां की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया।

दल ने स्थानीय निवासियों से संवाद कर अरावली क्षेत्र से उनकी आजीविका संबंधी निर्भरता, क्षेत्र से जुड़े विषयों तथा संभावित प्रभावों के संबंध में फीडबैक लिया।

ग्रामीणों ने भी दल के समक्ष स्थानीय स्तर की समस्याएं, आवश्यकताएं एवं सुझाव रखे।सर्किट हाउस में अधिकारियों से की विभागवार चर्चागांवों के भ्रमण के बाद सोमवार शाम सर्किट हाउस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दल ने बैठक की।

बैठक में जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार चर्चा की गई।

अधिकारियों ने संबंधित विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में दल को जानकारी दी।दल ने ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान प्राप्त फीडबैक और अधिकारियों के साथ हुई चर्चा के आधार पर अरावली क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की स्थिति तथा उसकी आजीविका संबंधी निर्भरता को समझने का प्रयास किया।

इस दौरान दल के सदस्य सहायक निदेशक प्रकाश चंद मीणा, अनुसंधान अधिकारी चेतन कुमार शर्मा तथा अन्वेषक विष्णु दत्त सैनी, खनि अभियंता आसिफ अंसारी, टीएडी उपायुक्त लतिका पालीवाल, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।आमजन लिखित रूप से भी आयोग को भेज सकते हैं शिकायतें और सुझावदल ने आमजन एवं जनजातीय समुदाय के लोगों से अपील करते हुए कहा कि अनुसूचित जनजातियों से संबंधित विभिन्न शिकायतें, समस्याएं एवं सुझाव लिखित माध्यम से भी प्रेषित किए जा सकते हैं।

इससे संबंधित विषयों को आयोग के समक्ष औपचारिक रूप से रखा जा सकेगा। गिर्वा क्षेत्र का दौरा करने के बाद मंगलवार को आयोग का दल ऋषभदेव क्षेत्र के जनजातीय अंचलों का दौरा करेगा।

इस दौरान भी स्थानीय लोगों से संवाद कर अरावली क्षेत्र से जुड़ी उनकी आजीविका संबंधी निर्भरता और संभावित प्रभावों के संबंध में जानकारी एवं फीडबैक लिया जाएगा।