मुख्य सामग्री पर जाएँ
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

प्रो. रमेश मकवाना को प्रतिष्ठित शिक्षाविद् पुरस्कार से सम्मानित

आज लोकतान्त्रिक समाजों मे मानवधिकारो का वैश्विक परिदृश्य विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी बदलाव संस्थान द्वारा पेसिफिक विश्वविद्यालय के सभाखंड उदयपुर में आयोजन हुआ था। आरंभ मे संस्थान के स्थापक डॉ.

WAf𝕏TGin✉🖨


आज लोकतान्त्रिक समाजों मे मानवधिकारो का वैश्विक परिदृश्य विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी बदलाव संस्थान द्वारा पेसिफिक विश्वविद्यालय के सभाखंड उदयपुर में आयोजन हुआ था। आरंभ मे संस्थान के स्थापक डॉ. श्रीराम आर्य ने मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का वैश्विक परिदृश्य के मुख्य पहलू बताये थे। पेसिफिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमंत कोठारी ने भारत में मानवाधिकारों का संवैधानिक प्रावधानों एवं उनकी सुरक्षा पर बात रखी थी। डॉ.रजनी ढाबा ने अतिथिओ का स्वागत किया था।

यह संस्था प्रत्येक वर्ष शिक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को निर्धारित मापदंडों जैसे की  10 वर्षों का प्रोफेसर अनुभव, 10 पुस्तकों का प्रकाशन, 3 शोध परियोजनाएँ, 20 शोध-पत्र तथा सरकार द्वारा प्राप्त पुरस्कार शामिल हैं।

इन मापदंडों के आधार पर संस्थान के स्थापक डॉ. श्रीराम आर्य के द्वारा प्रख्यात समाजशास्त्री प्रो. रमेश मकवाना को प्रतिष्ठित शिक्षाविद् अवॉर्ड-२०२६ से सम्मानित किया गया। प्रो.मकवाना समाजशास्त्र के स्नातकोत्तर विभाग, सरदार पटेल विश्ववि‌द्यालय, गुजरात में प्रोफेसर हैं। वह ऑल इंडिया सोशियोलॉजिकल सोसायटी के मेनेजिंग कमिटी के सदस्य पद पर सक्रिय  हैं। वह जनजातीय नीति आयोग भारत सरकार में एक विषय विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं एवं बाबू जग जीवन राम फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय, भारत सरकार मे सदस्य के रूप मे क्रियाशील है। वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विश्ववि‌द्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली में सदस्य है एवं पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति समिति विश्ववि‌द्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली में सदस्य है।

प्रो. मकवाना का शिक्षा के क्षेत्र मे उत्कृष्ट योगदान है। उनकी 35 पुस्तकें और 75 शोधपत्र प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उनके मार्गदर्शन मे 50 पीएच.डी. और 56 छात्रोने एम.फिल. की पदवी प्राप्त की है। उनको शिक्षण, अनुसंधान और प्रशासन का 29 साल का विश्वविद्यालय का अनुभव है। गुजरात के इस प्रतिभाशाली प्रोफेसर को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए गुजरात सरकार द्वारा अम्बेडकर पुरस्कार और एक लाख रुपये से सम्मानित किया गया है। प्रो. मकवानाने ग्रामीण विकास में महिला सरपंचों की चुनौतियों को जानने और उनके समाधान की दिशा दिखाने में महत्वपूर्ण काम किया है।

प्रो. मकवाना छात्रों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनमें नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करते हैं तथा स्वयं को सदैव एक विद्यार्थी मानते हुए नवीनतम शोध एवं परिवर्तनों से जुड़े रहते हैं। वे छात्रों को प्रश्न पूछने, चर्चा करने तथा स्वतंत्र विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे छात्रों के करियर, शोध एवं जीवन के निर्णयों में एक सच्चे मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं तथा बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान करते हुए अपने अनुशासन, आचरण और कार्यनिष्ठा से उनके लिए एक रोल मोडेल है।