उदयपुर। शहर की प्रतिष्ठित संगीत की संस्था 'सुरों की मंडली संस्था' की महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को अशोका पैलेस के मधुश्री बैंक्वेट हॉल में हुई।
सुरों की मंडली संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने बताया कि बैठक में संस्था को आगे बढाने , सदस्यता अभियान चलाने, नए सुझावों को प्राप्त करने, संगठन के बेहतर संचालन इत्यादि पर चिंतन, मनन और मंथन हुआ।
इस अवसर पर संस्था के आगामी कार्यक्रम "सुरो का सम्मान वरिष्ठ के नाम" की भी घोष्णाा हुई। कार्यक्रम की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
कार्यक्रम का ग्रेंड फिनाले अशोका ग्रीन में होगा।बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। ख्यात संगीतकार प्रेम भंडारी ने कहा कि सुरों की मंडली संस्था संगीत के लिए बेहतर कार्य कर रही है।
उन्होंने संस्था सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए इसे आगे ले जाने की बात की।
इस अवसर पर संस्था द्वारा उनका स्वागत व अभिनन्दन भी किया गया।संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीपी जैन ने कहा कि हमें ऐसे लोगों को शामिल करना चाहिए जिनकी वास्तविक में संगीत में रूचि है और वे कुछ कर गुजरना चाहते हैं।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन सोनी ने कहा कि हमें सदस्यों से प्राप्त सुझावों और नए नियमों को बेहतर ढंग से लागू कर हर सदस्य तक इसे पहुंचाना चाहिए।
कानूनी सलाहकर शिवरतन तिवारी ने कहा कि हमें कमेटी बनाकर सभी सुझावों पर मंथन करके कार्य ताकि हम हमारे उद्देश्य की प्राप्ति कर सके।उपाध्यक्ष डॉ. विमल शर्मा ने कहा कि हमें नकारात्मक से दूर रहते हुए सकाराकमक्ता पर ध्यान देना चाहिए।
साथ ही हर माह एक वर्कशॉप का आयोजन होना चाहिए। कोर कमेटी सदस्य डॉ. कामिनी ने कहा कि हमें सभी के सहयोग से संगठन को आगे बढ़ानाा चाहिए।
मिलकर काम करना चाहिए। कोर कमेटी सदस्य नूतन वेदी ने कहा कि सुरों की मंडली ने पूरे शहर में आज एक अलग पहचान बनाई है।
हम सबको मिलकर इसे और बेहतर बननाना है। रीना राठौड़ ने कहा कि संस्था की ओर से बच्चों के लिए प्रतियोगिता होनी चाहिए ताकि वे भी इससे जुड़ सके।
वर्ष में एक बार बड़ा कार्यक्रम भी होना चाहिए।सदस्य संगीता ने कहा कि सुरों की मंडली में 2 हजार से अधिक सदस्यों का होना खुशी की बात है। हमें इसे आगे ले जाना चाहिए।
देवेन्द्र सिंह करीर ने कहा कि हमें एक लीडरशिप टीम बनाकर काम करना चाहिए।
अनुभवी और योग्य लोगों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।डां कुंजन आचार्य ने मुकेश माधवानी का तारीफ करते हुए कहा कि साहित्य, संगीत और कला के लिए निस्वार्थ भाव से वही व्यक्ति कार्य कर सकता है जिसके मन में इसके लिए अच्दा भाव होता है।
उन्होंने परफॉर्मेंस के साथ प्रशिक्षण को शामिल करने की बात कही।मनमोहन भटनागर ने कहा कि हम सभी एक परिवार की तरह मिलकर काम करें और संगठन को आगे बढ़ाए।
सीपी शर्मा ने कहा कि सभी साथ में जुड़कर चलें, सुरों की मंडली को आगे ले जाएं। लव शर्मा ने कहा कि हम सभी को मिलकर संगठन को आगे बढ़ाना चाहिए।मधु शर्मा ने कहा कि सुरों की मंडली ने शहर के संगीत प्रमियों को पहचान दिलाई है।
नीलम पटवा ने कहा कि बेठक में सुझाव बेहतर आए हैं, हम सब मिलकर उसे अपनाएं।
शगुन जैन ने कहा कि हम ऐसे प्रयास करें जिससे अधिक से अधिक लोगों को गाने का अवसर मिले।सचिव अरूण चौबीसा ने सभी सदस्यों को आभार जताते हुए प्राप्त सुझावों पर मंथान कर उन्हें लागू करने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष कैलाश केवल्या, प्रेमलता कुमावत भी उपस्थित रहे।
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