उदयपुर। श्री रामलीला समिति, उदयपुर के तत्वावधान में 9 अक्टूबर से होने जा रही दस दिवसीय भव्य रामलीला के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं के उत्कृष्ट निर्धारण के लिए गुरुवार को सूरजपोल बाहर स्थित निम्बार्क महाविद्यालय परिसर में समिति के नए कार्यालय का गरिमामय माहौल में शुभारंभ हुआ।निम्बार्क महाविद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में भगवान श्रीराम के जयघोष के बीच वरिष्ठ समाजसेवी दूल्हेसिंह सारंगदेवोत ने मौली बंधन खोलकर कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में 'अपना घर आश्रम' के अध्यक्ष गोपाल कनेरिया, विप्र फाउंडेशन के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल, प्रसिद्ध चित्रकार पुष्कर लोहार, पूर्व उपप्रधान बंशीलाल कुम्हार तथा खटीक समाज के अध्यक्ष व वरिष्ठ अभियंता शैलेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
प्रारंभ में समिति के अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।कार्यालय उद्घाटन समारोह का संयोजन महासचिव भंवरलाल शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर रामलीला समिति समन्वयक अशोक बाबेल, पूर्व पार्षद दिनेश गुप्ता, मगन जोशी, भूपेंद्र शर्मा, त्रिभुवन व्यास, हरीश मारवाड़ा, धरणीधर तिवारी, डॉ. बसंत कश्यप, रोहित चौबीसा, निर्मल चौबीसा, कमल कुमावत, प्रहलाद कटारिया, नारायण मेघवाल और दीपक डांगी सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि व युवा समाजसेवी उपस्थित रहे।वृंदावन के 40 कलाकार जीवंत करेंगे राम प्रसंग—समिति अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने बताया कि उदयपुर के इतिहास में पहली बार इतने वृहद स्तर पर दस दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें वृंदावन के प्रसिद्ध 'पुष्टिमार्गीय श्री कृष्ण लीला संस्थान' के 40 परिपक्व कलाकार अपने अभिनय, भाव-भंगिमाओं और संगीतमय संवादों से श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों को जीवंत करेंगे।
रामलीला का मंचन 9 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन सायंकाल 7 से 10 बजे तक निम्बार्क कॉलेज मैदान में होगा।रामलीला की शुरुआत 9 अक्टूबर को नारद मोह व श्रीराम अवतार प्रयोजन से होगी।
18 अक्टूबर को कुंभकरण, मेघनाद व रावण वध के साथ श्रीराम जी का अयोध्या आगमन एवं भव्य राज्याभिषेक का प्रसंग सम्पन्न होगा।
द्वितीय चरण में विजयादशमी के पावन पर्व पर 20 अक्टूबर को शाम 6 बजे सेक्टर-14 नेला स्थित कल्लाजी बावजी चौराहे पर भव्य रावण दहन किया जाएगा, जहाँ पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
