उदयपुर। हमारी पारंपरिक वस्तुएं गुणवत्ता और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सर्वोत्तम हैं।
हमें पैकेजिंग के आकर्षण से ऊपर उठकर अपनी स्वदेशी जड़ों और समाज हित की सोच की ओर लौटना होगा।यह बात जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने शुक्रवार को यहां आरसीए मैदान में चार दिवसीय 'सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो' के उद्घाटन पर कही।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने उद्बोधन में स्वदेशी की गुणवत्ता और भारतीय जीवन शैली की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत सदियों से ज्ञान और संस्कृति का केंद्र रहा है।
भारत ने अपने आपको कभी विश्वगुरु नहीं कहा, दुनिया ने भारत के ज्ञान की विशालता को समझने के बाद भारत को विश्वगुरु कहा।
उन्होंने कहा कि पहले व्यक्ति समाज के लिए जीता था आज मैं और मेरा परिवार पर सिमट गया है, इस सोच को बदल कर हमें हर मन में समाज और देश के लिए जीने की भावना का संचार करना है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत', 'वोकल फॉर लोकल' और 'मेक इन इंडिया' के संकल्पों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से लेकसिटी के आरसीए मैदान में शुरू हुए उदयपुर के सबसे बड़े इस इंडस्ट्रियल एक्सपो के सूत्रधार उदयपुर लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने अध्यक्षता करते हुए एक्सपो को मेवाड़ की व्यावसायिक क्षमता, हुनर और स्वरोजगार को वैश्विक पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बताया।
सांसद डॉ. रावत ने बताया कि दिल्ली के भारत मण्डपम की तर्ज पर उदयपुर में 'मेवाड़ मण्डपम' के निर्माण का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा चुका है और सामूहिक प्रयासों से यह संकल्प जल्द साकार होगा।
उन्होंने मेवाड़ क्षेत्र के साढ़े अठारह हजार जीआई टैग का उल्लेख करते हुए युवाओं को उद्यमशीलता से जुड़ने का आह्वान किया।विशिष्ट अतिथि महापौर पारस सिंघवी ने स्वदेशी को भारत के स्वाभिमान से जोड़ते हुए घोषणा की कि नगर निगम अपने उपयोग की वस्तुओं की खरीद स्थानीय स्तर के स्वदेशी उत्पादों से ही करने का प्रयास करेगी।
शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि जब देश आत्मनिर्भर बनता है, तो आत्मविश्वास का संचार होता है और स्वदेशी ही इसका मूल मंत्र है।एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय के जैविक अनुसंधान और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने पर जोर दिया, वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने डॉ. रावत के 'विकसित मेवाड़' के विजन को ऐतिहासिक कदम बताया।एक्सपो के संयोजक मनोज जोशी ने स्वागत भाषण देते हुए मेवाड़ के उद्योग जगत की ओर से उदयपुर में मेवाड़ मण्डपम जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर की महती आवश्यकता रेखांकित की।इससे पूर्व, मुख्य द्वार पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मौली बंधन खोलकर जनजाति मंत्री व अन्य अतिथियों ने परिसर में प्रवेश किया।
उद्घाटन समारोह का आरंभ राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गूंजते उद्घोष के साथ हुआ। एमडीएस स्कूल के 150 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत की सुमधुर तान ने पूरे माहौल को देशभक्ति और स्वदेशी के उत्साह से सराबोर कर दिया।
सम्पूर्ण वंदेमातरम के गायन उपरांत समूचा मेला परिसर वंदेमातरम और भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। अतिथियों ने उद्घाटन से पहले और उद्घाटन समारोह के बाद दो चरणों में एक्सपो की हर स्टॉल का अवलोकन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अवनीश व्यास, प्रणय त्रिपाठी, जीत चौधरी, उपासना दशोत्तर, अर्चना जोशी ने किया।एक्सपो की प्रशासनिक व्यवस्थाएं राजकुमार शर्मा, कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी ब्रजमोहन भाटी, यातायात व सुरक्षा व्यवस्था उमाप्रताप सिंह संभाल रहे हैं।
डॉ. रजनी रावत, सीमा पारीख, रेखा रानी जैन, अनिता जोशी आदि महिला कार्यकर्ताओं ने अहिल्याबाई डोम की जिम्मेदारी संभाली।पहले ही दिन उमड़ी भीड़—आरसीए मैदान में सजे विशाल कुंभा, भामाशाह और अहिल्याबाई डोम में पहले ही दिन अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा।
लोग जहां पारंपरिक हस्तशिल्प, हाई-टेक औद्योगिक स्टॉल्स, उन्नत कृषि तकनीकों और श्रीअन्न उत्पादों को निहारते नजर आए, वहीं फतह स्कूल से निःशुल्क 'पिंक परी क्लब' की महिला ई-रिक्शा चालकों की सेवा ने भी आत्मनिर्भरता का अनूठा संदेश दिया।
यह चार दिवसीय एक्सपो आगामी 5 अक्टूबर तक आमजन और भावी उद्यमियों के लिए खुला रहेगा।
