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Udaipur News

शौर्य चक्र विजेता मेजर मुस्तफा की चौथी पुण्यतिथि पर ‘रन फॉर मुस्तफा’ से शहरवासियों ने दी श्रद्धांजलि।

देश के लिए शहीद हुए उदयपुर के वीर सपूत और मेवाड़ के पहले शौर्य चक्र विजेता मेजर मुस्तफा की चौथी पुण्यतिथि पर ‘रन फॉर मुस्तफा’ का आयोजन किया

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शौर्य चक्र विजेता मेजर मुस्तफा की चौथी पुण्यतिथि पर ‘रन फॉर मुस्तफा’ से शहरवासियों ने दी श्रद्धांजलि।

देश के लिए शहीद हुए उदयपुर के वीर सपूत और मेवाड़ के पहले शौर्य चक्र विजेता मेजर मुस्तफा की चौथी पुण्यतिथि पर ‘रन फॉर मुस्तफा’ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक पार्षद हिदायत तुल्ला ने बताया कि शहीदों के सम्मान में 21 अक्टूबर को प्रातः 8 बजे फतहसागर की पाल पर ‘रन फॉर मुस्तफा’ का शुभारंभ ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के साथ हुआ।

दौड़ में शहर के गणमान्य नागरिकों, एनसीसी कैडेट्स, सेना के जवानों तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सीसारमा के छात्र-छात्राओं ने अपने बैंड के साथ भाग लिया।

प्रतिभागी ‘मेजर मुस्तफा अमर रहें’, ‘अभिनव नागौरी अमर रहें’ और ‘अर्चित वार्डिया अमर रहें’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़े।

रन में ब्लॉसम स्कूल के बच्चे शहीद भगत सिंह, भारत माता और रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम की शोभा बढ़ी। मार्ग में राहगीरों ने भी शहीदों को सलामी देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

रन में शहीद मेजर मुस्तफा के माता-पिता और शहीद अभिनव नागौरी के माता-पिता हाथों में झंडे लेकर आगे चल रहे थे। अपने बेटों को देश के लिए बलिदान करते हुए खोने का दुख सहने के साथ-साथ उन्हें अपने बेटों की शहादत पर गर्व भी था।

इस दौरान उदयपुर नगर निगम के उपमहापौर दिनेश भट्ट और पूर्व जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने उनका हौसला बढ़ाया।

फतहसागर की पाल पर रन के समापन के बाद मेजर मुस्तफा ट्रस्ट के तत्वाधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इसमें मेजर मुस्तफा के साथी कैडेट्स शामिल हुए और उन्होंने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं। इस अवसर पर सेना के जवानों ने भी मेजर मुस्तफा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद अभिनव नागौरी के पिता धर्मचनद नागौरी ने सेना में देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान देने के जज्बे पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लगातार चौथे वर्ष इस बेहतरीन आयोजन के लिए पार्षद हिदायत तुल्ला को बधाई दी।

मेजर मुस्तफा की माता श्रीमती फातिमा बोहरा ने अपने बेटे की यादें साझा करते हुए बताया कि मेजर मुस्तफा प्रारंभ से ही होनहार थे। जब उनके सामने इंजीनियरिंग में आकर्षक पैकेज और सेना में शामिल होने के बीच चयन करने का अवसर आया, तो उन्होंने सेना को चुना।

मात्र 27 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना सर्वस्व देश के नाम न्योछावर कर दिया और शहादत प्राप्त की। उनके इस सर्वाेच्च बलिदान के लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

माता द्वारा अपने बेटे की यादें साझा किए जाने पर उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।

श्रद्धांजलि सभा में उपमहापौर दिनेश भट्ट, पूर्व जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा, पूर्व विश्वविद्यालय अध्यक्ष वसीम खान और अंजुमन सदर मुख्तार अहमद कुरैशी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर विजय प्रकाश विप्लवी, पंकज शर्मा, भारत विकास परिषद के सदस्य,बंसी लाल प्रजापत, वीरेंद्र प्रजापत, सुशील भारद्वाज,गणेश जी,रईस खान,शहजाद खान,किशन जी,नजमा मेवाफरोश, जफर जिलानी, तरन्नुम शेख, लतीफ मंसूरी,सोमेश्वर जी,यास्मीन खान,राकेश जी,प्रमोद जी वर्मा,मुबारक जी,फिरोज खान,इकबाल खान,इरशाद खान, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अंत में कार्यक्रम संयोजक पार्षद हिदायत तुल्ला ने उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली विद्यार्थियों और स्कूल बैंड के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। मंच संचालन अख्तर रसूल ने किया।