उदयपुर । भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के उदयपुर सौर वेधशाला (यूएसओ) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की उदयपुर सौर भौतिकी बैठक (उदयपुर सोलर फिजिक्स मीटिंग) 2026 का शुक्रवार को उदयपुर में समापन हुआ।
बैठक में देशभर से लगभग 75 वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान सौर भौतिकी एवं अंतरिक्ष मौसम के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधानों, महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा भविष्य की शोध संभावनाओं पर चर्चा की गई।बैठक के अंतिम दिन का प्रमुख आकर्षण भारत के प्रथम अंतरिक्ष-आधारित सौर वेधशाला-स्तरीय मिशन आदित्य-एल1 से प्राप्त नवीन वैज्ञानिक परिणामों पर केंद्रित विशेष सत्र रहा।
इस सत्र की अध्यक्षता पीआरएल के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज ने की।
आदित्य-एल1 में कुल सात वैज्ञानिक पेलोड हैं, जिनमें चार रिमोट सेंसिंग उपकरण सूर्य का विभिन्न तरंगदैर्घ्यों पर अवलोकन करते हैं, जबकि तीन इन-सिटू उपकरण सौर पवन एवं पृथ्वी के निकटवर्ती अंतरिक्ष क्षेत्र में अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन करते हैं।
इस मिशन से प्राप्त अवलोकनों के माध्यम से सौर ज्वालाओं, कोरोनल मास इजेक्शन तथा सौर पवन की उत्पत्ति एवं विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने आए हैं।दिन का दूसरा सत्र अंतरिक्ष मौसम विषय पर केंद्रित था, जिसकी अध्यक्षता पीआरएल के डीन प्रो. डी. पल्लमराजू ने की।
इस सत्र में वैज्ञानिकों ने सौर गतिविधियों, अंतरग्रहीय अंतरिक्ष में उनके प्रसार तथा पृथ्वी के निकटवर्ती वातावरण पर उनके प्रभावों से संबंधित नवीनतम शोध परिणाम प्रस्तुत किए।अंतिम दिन के वैज्ञानिक सत्रों में कुल 16 वक्ताओं ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
प्रस्तुतियों के बाद विभिन्न वैज्ञानिक विषयों एवं उभरती शोध चुनौतियों पर विचार-विमर्श भी हुआ।बैठक का समग्र आकलन करते हुए पीआरएल के डीन प्रो. डी. पल्लमराजू ने आयोजन की सराहना की तथा कहा कि सौर भौतिकी एवं इससे संबंधित अनुसंधान में हो रही प्रगति और अंतरिक्ष तथा भू-आधारित दूरबीनों से प्राप्त नए अवलोकनों की जानकारी साझा करने के लिए इस प्रकार के वैज्ञानिक सम्मेलनों का नियमित अंतराल पर आयोजन किया जाना चाहिए।कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. भुवन जोशी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उन्होंने पीआरएल के निदेशक एवं डीन, आमंत्रित वक्ताओं, सत्र अध्यक्षों, प्रतिभागियों, प्रायोजकों तथा आयोजन से जुड़ी सभी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया और न्ैच्ड 2026 को सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
