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यूआईटी उदयपुर द्वारा 2018 में घोषित ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा की क्रियान्विकी हेतु अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की आपात बैठक

उदयपुर | ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की एक आपात बैठक मंगलवार शाम श्रमजीवी कॉलेज के सोमानी सभागार में संस्थान अध्यक्ष प्रोफेसर विमल

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यूआईटी उदयपुर द्वारा 2018 में घोषित ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा की क्रियान्विकी हेतु अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की आपात बैठक

उदयपुर | ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की एक आपात बैठक मंगलवार शाम श्रमजीवी कॉलेज के सोमानी सभागार में संस्थान अध्यक्ष प्रोफेसर विमल शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रोफेसर विमल शर्मा ने ठाकुर अमरचंद बड़वा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए स्मृति संस्थान के गठन एवं यूआईटी द्वारा 2018 मैं ठाकुर अमर चंद बड़वा चौराहा घोषित करने का विवरण सदन को बताया। साथ ही यूडीए द्वारा चौराहे विकास हेतु गोद देने से उत्पन्न स्थिति व उस पर संस्थान का मत स्पष्ट करते हुए यूडीए से मांग की कि वे 2018 की घोषणा की क्रियान्विकी करते हुए ठाकुर अमर चंद बड़वा चौराहे पर नामकरण पट्टिका शीघ्र लगावें।

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव केके शर्मा ने कहा की यूआईटी की बैठक में सभी प्रतिनिधि उपस्थित रहते हैं तथा इसका निर्णय सर्व मान्य होता है। बोर्ड मीटिंग में लिया गया निर्णय कोई एक व्यक्ति बदल नहीं सकता अतः आवश्यकता इस बात की है कि 2018 की घोषणा की अनुपालना हेतु एक ज्ञापन बनाकर कमिश्नर महोदय को दिया जावे तथा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाया जाए।

मंचासीन बड़वा परिवार से संबंधित विजेंद्र सनाढ्य ने स्वर्गीय शिव किशोर सी सनाढ्य के आलेख व संवाद का हवाला देते बताया कि गिरधारी लाल जी के समय उनके यूआईटी चैंबर में ठाकुर अमर चंद बड़वा का चित्र हुआ करता था, इस बात की पुष्टि उस समय लिए गए फोटो से की जा सकती है। उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व तक माछला मंगरा पर बड़वा कालीन शत्रु भंजन तोप तथा सूर्य घड़ी के होने की बात सदन को बताई।

ज्ञान जी सोनी ने मिराज द्वारा गोद लिए चेतन सर्कल का उदाहरण देते हुए बताया कि गोद लेना और नामकरण करना अलग अलग प्रकिया है। गोद लेने वाले को नामकरण का अधिकार नहीं होता अतः चौराहे का नाम तो यूआईटी द्वारा बैठक में निर्णय लिया हुआ ठाकुर अमर चंद बड़वा चौराहा ही रहेगा। ठाकुर अमर चंद बड़वा एक राष्ट्र भक्त गैर राजनीतिक व्यक्ति है।

उदयपुर महानगर सामाजिक समरसता संयोजक संघ दृष्टि के दर्शन गौड़ ने सुझाव दिया कि इस कार्य हेतु एक प्रशासनिक समिति तुरंत गठित की जाय।

विप्र राजकीय सेवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार ने लोगों की जुबान पर चौराहे का कोई और नाम चढ़े उसके पूर्व क्रियान्विकी पर जोर दिया, जिसका समर्थन करते हुए अदिगौड युवा अध्यक्ष शरद भारद्वाज ने सुझाव दिया कि किसी सुरक्षित अनापत्ति क्षेत्र में निर्माणाधीन ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहे के फ्लेक्स लगा दिया जाए, जिसे देखकर लोगों के मानस पटेल पर नाम इंगित हो जाए।

राजपूत वारी समाज के अध्यक्ष दिलीप रावत ने अन्य सामाजिक संगठनो से संपर्क करने पर बल दिया।

अपनी टिप्पणियों सहित कार्यक्रम का संचालन जय राज अचार्य ने किया। संगठन सचिव जय किशन चौबे ने आगे की रणनीति को विस्तार से समझाया। आभार मनोहर लाल मूंदड़ा द्वारा ज्ञापित किया गया।

सभा को गोलछा सेवा समिति के मनीष गोलछा, पंडित सोहनलाल पंचोली स्मृति संस्थान के डॉ रमाकांत शर्मा, भारत विकास परिषद के जयराज आचार्य, झील हितैषी नागरिक पांच के हाजी सरदार मोहम्मद, लायंस क्लब के राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य ने भी संबोधित किया। संध्या शर्मा, मनोहर लाल मूंदड़ा, चंद्र प्रकाश चित्तौड़ा, बद्री लाल, नरेंद्र उपाध्याय, पंकज सनाढ्य, मनीष माहेश्वरी, आदित्य कुमार पांडे, सनाढ्य समाज साहित्य मंडल के प्रतिनिधी सहित अन्य उपस्थित रहे।