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Udaipur News

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शुक्रवार को करेंगे डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक ‘सैंड्स टू शोर’ का विमोचन

विद्या भवन संस्थान के कार्यक्रम में जुटेंगे प्रशासनिक और साहित्यिक जगत के लोग

मुख्य बिंदु
  • राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को विद्या भवन संस्थान में डूँगरपुर राजस्थान मूल निवासी एवं केरल के पूर्व मुख्य सचिव डॉ.
  • विश्वास मेहता की पुस्तक सैंड्स टू शोर’ का विमोचन करेंगे।
  • मेहता की यह पुस्तक उनके चार दशक के प्रशासनिक अनुभवों, संघर्षों, उपलब्धियों और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की कहानी समेटे हुए है।
  • निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पुस्तक का विमोचन दोपहर 3.
  • इसके बाद पुस्तक पर चर्चा एवं संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
  • इस आयोजन से प्रशासनिक अनुभवों, सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों और व्यक्तिगत संघर्षों पर सार्थक विमर्श की उम्मीद है।
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उदयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को विद्या भवन संस्थान में डूँगरपुर राजस्थान मूल निवासी एवं केरल के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. विश्वास मेहता की पुस्तक सैंड्स टू शोर’ का विमोचन करेंगे।

डॉ. मेहता की यह पुस्तक उनके चार दशक के प्रशासनिक अनुभवों, संघर्षों, उपलब्धियों और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की कहानी समेटे हुए है।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पुस्तक का विमोचन दोपहर 3.30 बजे उदयपुर में होगा।

इसके बाद पुस्तक पर चर्चा एवं संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन से प्रशासनिक अनुभवों, सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों और व्यक्तिगत संघर्षों पर सार्थक विमर्श की उम्मीद है।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी। राजस्थान की माटी से जुड़े एक अधिकारी के राष्ट्रीय स्तर के प्रशासनिक अनुभवों पर आधारित पुस्तक का उदयपुर में विमोचन प्रदेश के लिए गौरव का अवसर है।

कार्यक्रम में पुस्तक के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के जरिए प्रशासन, समाज और जनसेवा के संबंधों को समझने का अवसर भी मिलेगा।डॉ. विश्वास मेहता ने अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में केरल में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।

वे राज्य के 46वें मुख्य सचिव रहे और चौथे मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। वे उदयपुर स्थित पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक भी रह चुके हैं।

उनका प्रशासनिक सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण है।

उन्होंने प्रारंभिक प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के लिए चयनित होने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाने के लक्ष्य के लिए दोबारा परीक्षा दी और नौवीं रैंक हासिल की।डॉ. मेहता की पुस्तक में उनके पेशेवर जीवन के अनुभवों के साथ पारिवारिक संघर्षों और जनसेवा के प्रति उनके दृष्टिकोण का भी उल्लेख है।

इस लिहाज से यह कृति केवल एक प्रशासनिक अधिकारी के संस्मरणों तक सीमित नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास की प्रेरक गाथा भी है।