मुख्य सामग्री पर जाएँ
शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 उदयपुर · 29°C
Udaipur News

राजपूती शान, पारंपरिक वेशभूषा और तलवारों के साथ रैंप वॉक, साड़ी फेस्टिवल में बीसीआई टीम ने हासिल किया तृतीय स्थान

अशोका ग्रीन में बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल की महिलाओं ने राजस्थानी संस्कृति, वीरता और नारी शक्ति का किया शानदार प्रदर्शन

WAf𝕏TGin✉🖨
राजपूती शान, पारंपरिक वेशभूषा और तलवारों के साथ रैंप वॉक, साड़ी फेस्टिवल में बीसीआई टीम ने हासिल किया तृतीय स्थान

उदयपुर। भारतीय संस्कृति, राजस्थानी परंपराओं और वीरता की गौरवशाली विरासत को साकार करते हुए बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल (बीसीआई) की महिला टीम ने शी सर्कल इंडिया की ओर से अशोका ग्रीन में आयोजित साड़ी फेस्टिवल में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान हासिल किया। टीम की इस उपलब्धि ने आयोजन में मौजूद दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और राजस्थानी संस्कृति की समृद्ध छटा को मंच पर जीवंत कर दिया।

बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल के फाउंडर एंड चेयरमैन मुकेश माधवानी ने साड़ी फेस्टिवल में हिस्सा लेने वाली बीसीआई की महिला टीम को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

उन्होंने कहा कि टीम ने भारतीय संस्कृति, राजस्थानी परंपराओं और वीरता की गौरवशाली विरासत को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जिस खूबसूरती से प्रदर्शित किया, वह सराहनीय है।

साड़ी जैसी पारंपरिक भारतीय वेशभूषा के साथ राजपूती शौर्य, तलवार और आत्मविश्वास से भरी रैंप वॉक ने भारतीय नारी की शक्ति, साहस और सांस्कृतिक गौरव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

टीम की कैप्टन प्रेमलता कुमावत एवं वाइस कैप्टन भूमि त्रिवेदी के नेतृत्व में बीसीआई की महिला सदस्यों ने साड़ी को केंद्र में रखते हुए एक विशेष थीम पर अपनी प्रस्तुति तैयार की। राजपूती आन-बान और शान को दर्शाते राजस्थानी गीतों की गूंज के बीच पारंपरिक साड़ी में सजी महिलाओं ने हाथों में तलवार लेकर रैंप वॉक किया और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से राजस्थान की वीरता, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत की।

इस प्रस्तुति की खासियत यह रही कि इसमें साड़ी की पारंपरिक सुंदरता के साथ राजपूती संस्कृति के शौर्य और साहस का अनूठा संगम देखने को मिला। तलवारों के साथ आत्मविश्वास से भरी चाल, भाव-भंगिमाओं और सधे हुए अभिनय ने मंच पर एक अलग ही प्रभाव उत्पन्न किया। महिलाओं ने अपनी प्रस्तुति के जरिए यह संदेश दिया कि भारतीय नारी केवल संस्कृति और परंपराओं की संवाहक ही नहीं, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और शक्ति की भी प्रतीक है।

पूरी प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति की गरिमा, राजस्थानी लोक परंपराओं की जीवंतता और वीरांगनाओं की गौरवगाथा का सुंदर समावेश रहा। बीसीआई की टीम में कैप्टन प्रेमलता कुमावत, भूमि त्रिवेदी, शिल्पी, अंजली सिंह, रेणुका, रीना गोस्वामी, हीना, चेतना, श्रुतिका माथुर और संजना माथुर शामिल रहीं।