उदयपुर। उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री एवं उदयपुर इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेन्ट एण्ड रिसर्च सेन्टर की ओर से शुक्रवार को पायरोटेक टेम्पसेंस हॉल में पर्यावरण एवं वन कानूनों के अनुपालन पर संवाद सत्र आयोजित किया गया।
राजस्थान सरकार के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. वेंकटेश शर्मा, आईएफएस ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्योग प्रतिनिधियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी।यूआईडब्ल्यूएम एंड आरसी के कार्यकारी अध्यक्ष श्री कोमल कोठारी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वन विभाग से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं की जटिलता के कारण उद्योगों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
श्री सी.एस.आर. मेहता ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया।डॉ. वेंकटेश शर्मा ने कहा कि वन विभाग और उद्योगों के बीच बेहतर संवाद एवं आपसी समझ से नियामकीय जटिलताओं को दूर करने और औद्योगिक समस्याओं के समाधान की राह निकल सकती है।
उन्होंने वन भूमि पर गैर-वानिकी गतिविधियों के लिए आवश्यक स्वीकृतियों, खनन संबंधी प्रावधानों, इको-सेंसिटिव जोन, वन्यजीव संरक्षण तथा उदयपुर के वेटलैंड क्षेत्रों में लागू प्रतिबंधों पर प्रकाश डाला।संवाद के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने खनन गतिविधियों, वन भूमि के उपयोग, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अनुपालन प्रक्रियाओं से जुड़े प्रश्न उठाए।
डॉ. वेंकटेश शर्मा ने प्रश्नों के उत्तर देते हुए संबंधित कानूनी प्रावधानों और संभावित समाधानों पर मार्गदर्शन दिया।यूसीसीआई अध्यक्ष श्री संदीप बापना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अंशुल मोगरा, उपाध्यक्ष श्री कपिल सुराणा, श्री अरविंद सिंघल, श्री एम.एल. लूणावत, श्री आर.एस. स्वरूपरिया तथा अन्य उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्री कोमल कोठारी एवं श्री अरविंद सिंघल ने डॉ. वेंकटेश शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट किया। श्री कपिल सुराणा ने आभार व्यक्त किया।
