उदयपुर महावीर समवशरण में आयोजित धर्मसभा में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने श्रद्धालुओं को क्रोध पर विजय प्राप्त कर जीवन में शांति, क्षमा और सहनशक्ति अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि क्रोध जीवन के पतन का प्रमुख कारण है। यह व्यक्ति के शरीर और आत्मा को प्रभावित करने के साथ परिवार की खुशियां भी नष्ट कर देता है।
उन्होंने कहा कि शांत रहना और क्षमा करना कमजोरी नहीं, बल्कि सच्ची वीरता है।प्रवर्तक डॉ. राजेंद्र मुनि ने कहा कि जीवन में शक्ति से अधिक सहनशक्ति का महत्व है।
झुकना और शांति बनाए रखना सज्जन व्यक्ति की पहचान है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत के विनाशकारी युद्धों तथा द्वारका के विनाश के पीछे क्रोध और अहंकार की बड़ी भूमिका रही।
चंडकौशिक नाग का दृष्टांत भी क्षमा की महिमा बताता है।धर्मसभा में उपाध्याय रमेश मुनि एवं दीपेश मुनि ने मंगलभाव व्यक्त किए। सूरत और बेंगलुरु से आए समाजसेवियों का अभिनंदन किया गया।
महामंत्री हिम्मत बडाला ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। अध्यक्ष रोशन लाल जैन एवं कोषाध्यक्ष दिनेश हिंगड़ ने आभार जताया।
