उदयपुर। अणुव्रत समिति, उदयपुर की ओर से अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का शुभारंभ बुधवार को महाप्रज्ञ विहार, तेरापंथ भवन में हुआ।
प्रथम दिन ‘अणुव्रत प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम मुनि संजय कुमार, मुनि प्रकाश कुमार एवं मुनि सिद्ध प्रज्ञ के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ।मुनि संजय कुमार ने कहा कि अणुव्रत का अर्थ छोटे-छोटे व्रतों से है।
मनुष्य जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करना चाहता है, लेकिन छोटे-छोटे नियमों और नैतिक मूल्यों को भूल जाता है। अणुव्रत जीवन में संयम और अनुशासन की प्रेरणा देता है।
हिंसा नहीं करना, झूठ नहीं बोलना, चोरी नहीं करना, ब्रह्मचर्य की साधना करना और परिग्रह का परिमाण करना जैसे संकल्प व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति का संकल्प लेने का विशेष आह्वान किया।मुनि प्रकाश कुमार ने कहा कि अणुव्रत आचार्य तुलसी द्वारा मानवता को दिया गया महत्वपूर्ण उपहार है।
यह किसी एक धर्म, जाति या संप्रदाय तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज को नैतिकता की राह दिखाने वाला आंदोलन है।
अणुव्रत लोगों को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने की प्रेरणा देता है।मुनि श्री सिद्ध प्रज्ञ ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण, भ्रष्टाचार और अनैतिकता जैसी समस्याओं के समाधान के लिए नैतिक जीवन जरूरी है।
अणुव्रत पर्यावरण के प्रति जागरूकता, ईमानदारी और जिम्मेदारी का संदेश देता है।इस अवसर पर समिति के संरक्षक शांतिलाल सिंघवी एवं चंद्रेश बाफना ने भी विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अणुव्रत के सिद्धांतों को केवल सुनने तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।कार्यक्रम के प्रारंभ में अणुव्रत समिति अध्यक्ष श्रीमती प्रणिता तलेसरा ने मुनिवृंद का स्वागत किया तथा सप्ताहभर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी।
समारोह में तेरापंथ सभा, युवक परिषद, महिला मंडल एवं प्रोफेशनल फोरम के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।
