उदयपुर । सुकृत न्यास के तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर एक भव्य सत्संग संध्या का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया।
इस आध्यात्मिक संध्या में ईश्वर आराधना के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सरोकारों पर भी गहरा मंथन हुआ।न्यास के अध्यक्ष मनोज जोशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व केवल आध्यात्मिक चेतना का ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक ऊर्जा और नई दिशा देने का अवसर है।इस दौरान डॉ. रावत ने पिछले दिनों राजस्थान कृषि महाविद्यालय (आरसीए) मैदान में आयोजित 'सांसद स्वदेशी एक्सपो' की ऐतिहासिक सफलता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि उस एक्सपो ने स्थानीय हुनर, हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को एक सशक्त मंच प्रदान कर आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा था।
मेले में उमड़े जनसैलाब और लाखों रुपये के कारोबार ने यह साबित किया कि जनता स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए पूरी तरह तत्पर है।सांसद ने आह्वान किया कि स्वदेशी एक्सपो के इस अनुभव और जनउत्साह से प्रेरणा लेते हुए हमें आगामी आयोजनों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’, स्वदेशी और स्वरोजगार के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
यह जमीनी प्रयास ही ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को साकार करने का मजबूत आधार बनेंगे।जोशी ने बताया कि विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती रजनी पी. रावत, प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना, हिंदुस्तान जिंक के एसएएपी प्रोजेक्ट सीईओ कार्तिक, लघु उद्योग भारती अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा, राकेश वजावत, मुकेश सिन्हा, बृजमोहन भाटी, पीयूष सुखवाल, पवन कोठारी, उमाप्रताप सिंह, कलड़वास चैंबर अध्यक्ष गिरीश शर्मा, विवेक भटनागर, धर्मपाल सिंह, राजकुमार शर्मा, जयंत ओझा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों ने सामूहिक आरती में भाग लिया और शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में अमृत तुल्य खीर का प्रसाद ग्रहण किया।
