GMCH STORIES

प्रदेश  के आधे से अधिक जिलो में जल संकट की भयावह स्थिति: डॉ पी सी जैन

( Read 1133 Times)

22 Mar 25
Share |
Print This Page

प्रदेश  के आधे से अधिक जिलो में जल संकट की भयावह स्थिति: डॉ पी सी जैन

भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग द्वारा विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी एव नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में आमन्त्रित वक्ता के रूप में उदयपुर जिले के जाने माने जल एक्सपर्ट डॉ पी सी जैन ने कहा कि जल संसाधनो के अतिदोहन एवं आवश्यकता से अधिक उपयोग के चलते आज पूरा विश्व जल संकट की समस्या से ग्रसित है। भारत जैसे अति आबादी वाले देश में इसकी स्थिति और भयावह है। आज हमारे देश के आधे से अधिक राज्य जल संकट की समस्या से गुजर रहे है। जिसमे राजस्थान, गुजरात, देहली, पंजाब, हरियाणा एवं तमिलनाडू में स्थिति अतिविकट है। उन्होने कहा कि कहने को तो हमारी पृथ्वी का 71 प्रतिशत भूभाग जल से घिरा है किन्तु वास्तविकता यह है कि हमारी पृथ्वी पर उपलब्ध कुल जल का 97 प्रतिशत पानी खारा है जो उपयोगी नही है। केव‌ल 3 प्रतिशत जल ही मिठा है। जलसंकट की समस्या से उभरने का एकमात्र उपाय यह है कि हम उपलब्ध जलसंसाधनों का उचित प्रबन्धन करें तथा साथ ही वर्षा जल संग्रहण की विभिन्न तकनिकों को अपनाकर वर्षा जल की व्यर्थ बहने से बचाएं और रेन वाटर  हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए ।विभाग के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक से वर्षा जल संग्रहण की विभिन्न विधियों रे बारे में चर्चा की। कार्यक्रम में भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय की विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता डॉ रेणु राठौड़ सह अधिष्ठाता डॉ ऋतु तोमर एवं भूविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा० हेमन्त सेन ने किये। इस अवसर पर संस्थान के कार्यवाहक अध्यक्ष कर्नल प्रो शिव सिंह सारंगदेवोत, सचिव डॉ महेंद्र सिंह आगरिया और प्रबंध निदेशक मोहब्बत सिंह राठौड़ एव विश्व विद्यालय के कुल सचिव डॉ  निरंजन नारायण  सिंह एव मोहन लाल सुखड़िया विश्विद्यालय के विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ विनोद  अग्रवाल ने अपने सन्देश में कहा की इस विश्व जल दिवस पर, आइए हम प्रकृति के साथ शांति और शांति के लिए पानी को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें। यह लोगों के बीच शांति बनाने और ग्रह के साथ शांति बनाने का समय है। छोटे-छोटे उपायों से हमें जल की एक-एक बूंद को सहेजना चाइए ।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories :
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like