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Udaipur News

तीन दिवसीय ‘‘पिछोला-2019’’ का समापन

मानव मन की असीमित उड़ान का जीवन्त एवं नृत्यमय प्रस्तुतिकरण

मुख्य बिंदु
  • उदयपुर / भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के संघटक भूपाल नोबल्स पी.
  • महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ’’पीछोला-2019’’ का समापन बुधवार को हुआ।
  • रेणू राठौड ने बताया कि समारोह के अतिथि सुखाडिया विवि के रजिस्ट्रार प्रो.
  • हिम्मत सिंह जी भाटी, विशिष्ट अतिथि लाल सिंह झाला, चेयपर्सन गुणवन्त सिंह झाला, विद्यापीठ के कुलपति प्रो.
  • एसएस सारंगदेवोत, कुलसचिव प्रो.
  • रघुवीर सिंह चौहान, कर्नल सुधाकर त्यागी, विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत, ग्रूप कमाण्डर विनोद बांगरवा मौजूद थे।
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तीन दिवसीय ‘‘पिछोला-2019’’  का समापन

उदयपुर / भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के संघटक भूपाल नोबल्स पी.जी. महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ’’पीछोला-2019’’ का समापन बुधवार को हुआ।

प्रो. रेणू राठौड ने बताया कि समारोह के अतिथि सुखाडिया विवि के रजिस्ट्रार प्रो. हिम्मत सिंह जी भाटी, विशिष्ट अतिथि लाल सिंह झाला, चेयपर्सन गुणवन्त सिंह झाला, विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एसएस सारंगदेवोत, कुलसचिव प्रो. रघुवीर सिंह चौहान, कर्नल सुधाकर त्यागी, विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत, ग्रूप कमाण्डर विनोद बांगरवा मौजूद थे।

मन भावन गीतों एवं नृत्यमय प्रस्तुतियों ने मानों एक मायाजाल सा रच दिया और सभी उसमें समाहित होते चले गये। कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश वन्दना एवं माँ सरस्वती की आराधना से हुआ।

कार्यक्रम के तीसरे दिन स्पॉट एक्टिंग, इन्स्ट्रूमेन्टल, सॉलो डान्स वेस्टर्न, फिल्मी, ग्रुप डान्स फॉक एव ऑलराउन्डर प्रतियोगिताएँ हुई। स्पॉट एक्टिंग में विभिन्न व्यक्तित्व का परिचय एवं अभिनय किया गया।

सोलो डान्स वेस्टर्न में ‘‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, आँखों के पन्नों में बोल दो मीठे-मीठे, चाँद छूपा आँचल में, इन आँखों की मस्ती के आदि सुरीले गानों पर दर्शक दीर्घा में मौजूद सभी झूमने पर मजबूर हो गये।

सम्पूर्ण कार्यक्रम में भारतीय एवं पाश्चात्य संस्कृति घुलमिल सी गयी। पिछोला महोत्सव मन के भावों की यथार्थ धरातल पर एक भावमयी स्मृति बनकर सभी के दिलों पर छा गया।

इस महोत्सव का सर्वश्रेष्ठ आकर्षण ऑल राउन्डर प्रतियोगिता रही। जो तीन चरणों में सम्पन्न हुई।

प्रथम कन्वेन्शनल राउण्ड, द्वितीय इन्ट्रोडक्शन राउण्ड, क्यूश्चन राउण्ड। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह आपनी चरम सीमा पर था एवं 65 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया।

अधिष्ठाता डॉ. रेणु राठौड़ ने महाविद्यालय की वर्षपर्यन्त सम्पन्न हुई शैक्षणिक एवं गैरशैक्षणिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। पिछोला महोत्सव मन के भावों की यथार्थ धरातल पर एक भावमयी स्मृति बनकर सभी के दिलों पर छा गया।

इस महोत्सव का सर्वश्रेष्ठ आकर्षण ऑल राउन्डर प्रतियोगिता रही। जो तीन चरणों में सम्पन्न हुई।

प्रथम कन्वेन्शनल राउण्ड, द्वितीय इन्ट्रोडक्शन राउण्ड, क्वेश्चन राउण्ड।

इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह आपनी चरम सीमा पर था एवं 65 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिय संयोजक, सह अधिष्ठाता, डॉ. रितु तोमर ने इस आयोजन को भव्यतम एवं सफल बनाने हेतु कार्यक्रम के सहअधिष्ठाता डॉ. राजेन्द्र सिंह शक्तावत, डॉ. संगीता राठौड़, सहसंयोजक डॉ. मनीषा शेखावत, डॉ. रजनी अरोड़ा, डॉ. निशा तंवर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरला शर्मा के सान्निध्य में डॉ. अनिता राठौड़, शैलजा राणावत, डॉ शुभी धाकड़ आदि ने किया।