उदयपुर। भारत को क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के उद्देश्य से विश्व टीबी दिवस के अवसर पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के श्वसन रोग विभाग द्वारा जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “हाँ! हम टीबी को ख़त्म कर सकते हैं, प्रतिबद्ध हों, निवेश करें, परिणाम दें” रखी गई, जिसका उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
सेमिनार में विभागाध्यक्ष डॉ. सी.एस. पुरोहित ने टीबी रोगियों के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है और समय पर सही उपचार लेने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है।
श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल लुहाडिया ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, रात में पसीना आना, वजन घटना या लगातार बुखार जैसी समस्याएँ हो रही हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज से न केवल मरीज ठीक हो सकता है, बल्कि संक्रमण को फैलने से भी रोका जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन सही उपचार से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।
निःशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर
विश्व टीबी दिवस के अवसर पर पीएमसीएच की ओर से 24 मार्च से 31 मार्च तक विशेष चिकित्सा परामर्श शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें टीबी रोगियों की निःशुल्क जांच और परामर्श दिया जाएगा। इस शिविर में मरीजों को एक्स-रे, बलगम जांच और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएँ मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएंगी।