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तीन-चार दशक बाद मिली पूर्व छात्राओं ने खूब की हंसी ठिठोली, लगाए ठुमके

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28 Feb 25
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तीन-चार दशक बाद मिली पूर्व छात्राओं ने खूब की हंसी ठिठोली, लगाए ठुमके

उदयपुर। महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के संघटक सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय (होम साइंस कॉलेज)की दो  दिवसीय एल्युमनी मीट शुक्रवार को शुरू हुई। कार्यक्रम में वर्ष 1981 से 95 बैच की पूर्व छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। पूर्व छात्राओं में कई सात समंदर पार यानी लंदन, अमरीका से पहुंची और कॉलेज परिसर में खूब हंसी-ठिठोली करते हुए पुरानी यादों को ताजा किया। पूर्व छात्राओं जिनमें कई नामचीन अधिकारी व उद्यमी है और टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग में अच्छा नाम कमा चुकी है, अपना-अपना स्टॉल लगाए जहां पूर्व छात्राओं और वर्तमान में अध्ययनरत छात्राओं ने गर्मजोशी से खूब खरीदारी की। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूर्व छात्राओं ने खूब ठुमके लगाये और मनभावन प्रस्तुतियां दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने कहा कि इस महाविद्यालय ने समाज को कई जाने-माने वैज्ञानिक और शिक्षक दिए हैं। जिन्होंने विश्वविद्यालय एवं समाज के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने आह्वान किया कि पूर्व छात्राएं वर्तमान में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता व मार्गदर्शन करें। यह महाविद्य़ालय वर्ष 1966 में स्थापित हुआ जबकि पंतनगर में 1976 में होम साइंस कॉलेज शुरू हुआ। इससे साफ जाहिर है कि उदयपुर बल्कि मेवाड़ में महिला शिक्षा की अलख बहुत पहले ही जग चुकी थी। आज महिलाएं न केवल गृह विज्ञान बल्कि इंजीनियरिंग, डाक्टरी पेशे में अपना नाम कमा रही हैं तथा हवाई जहाज और रेल तक चलाने लगी है।    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पीढ़ी महाविद्यालय को नयी ऊंचाईयों पर ले जाएगी।
कार्यक्रम की  मुख्य अतिथि प्रोफेसर सुनीता मिश्रा, कुलपति, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय ने कहा कि राष्टीªय विज्ञान दिवस का महत्व बताते हुए गृह विज्ञान का समाज के विकास में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दिन हम वैज्ञानिक डॉ. सी.बी. रमन को याद करते हैं, क्योंकि उन्होंने लाईट के रमन इफेक्ट को ईजाद किया। आज महिलाएं भी पुरूषों से एक कदम आगे विज्ञान के नैनो से लेकर एआई तकनीक के सहारे विभिन्न क्षेत्रों में नित नये अविष्कार कर रही हैं। यही नहीं घर सम्भालने वाली महिलाएं भी किसी वैज्ञानिक से कमतर नहीं आंकी जा सकती है।
विशिष्ट अतिथि कुंवरानी साहिबा श्रीमती निवृत्ति कुमारी मेवाड़ ने बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालय का शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों में योगदान अमूल्य है। एमपीयूएटी कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने सहित उनके स्वास्थ्य, सेनेटाइजेशन एवं जैविक खेती के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है और मैं स्वयं इसकी साक्षी रही हूं। एमपीयूएटी के पूरे स्टाफ को सामाज के लिए मेहनत एवं लगन से कार्य करने के लिए धन्यवाद देती हूं।
आरंभ में महाविद्यालय की कार्यवाहक अधिष्ठाता, डॉ सुमन औदीच्य ने महाविद्यालय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए महाविद्यालय की अब तक की गतिविधियों की जानकारी दी। होम साइंस कॉलेज पूर्व छात्रा कल्याण परिषद की अध्यक्ष डॉ. सुमन सिंह ने एल्युमनी मीट की गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस समागम में लगभग दो सौ पूर्व छात्राएं भाग ले रही हैं।
कार्यक्रम में होम साइंस एल्युमनी एसोसिएशन के लोगो का विमोचन भी किया गया। साथ ही महाविद्यालय में लंबे समय तक विशेष योगदान के लिए वरिष्ठ जनों को सम्मानित किया गया। परिषद की सचिव डॉ. गायत्री तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


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