कोटा | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की जेईई मेन-2025 सेशन 2 की परीक्षा बुधवार से शुरू हो गई। इसमें फिजिक्स ट्रिकी, मैथ्स लेंदी और केमिस्ट्री का डिफिकल्टी लेवल आसान रहा।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय ने बताया कि बुधवार को फिजिक्स का कठिनाई स्तर मध्यम जबकि मैथ्स हमेशा की तरह लेंदी रहा। केमिस्ट्री का डिफिकल्टी लेवल आसान से मध्यम रहा। कुल मिलाकर पेपर का स्तर मॉडरेट लेवल का था। सेशन वन की तुलना में यह पेपर अच्छी तरह सेट किया हुआ और विभिन्न विषयों से सवालों का वितरण आमतौर पर संतुलित था। पेपर कांसेप्चुअल और न्यूमेरिकल सवालों का मिक्सर रहा।
पहली पारी में फिजिक्स में मैकेनिक्स, इलेक्ट्रो डायनेमिक्स, इलेक्ट्रोस्टेटिक्स और करंट इलेक्ट्रिसिटी को ज्यादा वेटेज दिया गया। चैप्टर में काइनेमैटिक्स, ग्रेविटेशन, रोटेशनल मोशन, लॉ ऑफ़ मोशन, मैग्नेटिज्म, रे ऑप्टिक्स, मॉडर्न फिजिक्स, वर्क, पेपर एंड एनर्जी, हिट एंड थर्मोडायनेमिक्स शामिल थे। इसके न्यूमेरिकल आधारित सवाल आसान रहे। एनसीईआरटी कक्षा 12वीं के चेप्टर से कुछ फैक्ट बेस्ड सवाल पूछे गए थे।
मैथमेटिक्स सेक्शन लंबा था। न्यूमेरिकल वाले हिस्से में लंबी कैलकुलेशन थी। मैथ्स में कैलकुलस, कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री पर खास फोकस किया गया था। कुछ स्टूडेंट्स ने कहा कि वेक्टर और 3-डी ज्यामिति के सवाल थे लेकिन कठिन नहीं थे। कोनिक, वेक्टर 3-डी, परमयूटेशन और कॉम्बिनेशन, बाईनोमियल, सर्किल, क्वाड्रटिक, सीक्वेंस, सीरीज से सवाल पूछे गए थे। कुछ सवालों में लंबी कैलकुलेशन ने टाइम मैनेजमेंट को चैलेंजिंग बना दिया लेकिन कुल मिलाकर कठिनाई का लेवल बैलेंस था।
मैथ्स और फिजिक्स के मुकाबले केमिस्ट्री वाला सेक्शन आसान रहा। ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की तुलना में इन ऑर्गेनिक केमिस्ट्री को अधिक महत्व दिया गया था। फिजिकल केमिस्ट्री से अधिक सवाल पूछे गए थे। एल्डिहाइड और कीटोन, केमिकल बॉन्डिंग, इलेक्ट्रो केमिस्ट्री, मॉल कॉन्सेप्ट, कोऑर्डिनेशन कंपाउंड, लिक्विड सॉल्यूशन, एटॉमिक स्ट्रक्चर, केमिकल काइनेटिक्स, बायोमोलीक्यूल से सवाल पूछे गए।
जेईई मेन के दूसरे सत्र में बीटेक और बीई पेपर अब 3, 4, 7 और 8 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे, जबकि बीआर्क और बीप्लानिंग पेपर (पेपर 2 ए और पेपर 2 बी) 9 अप्रैल, 2025 को होगा। बुधवार को पहली पारी की परीक्षा सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी का एग्जाम दोपहर 3 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे चला। इसके लिए शहर में चार सेंटर बनाए गए। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स और वर्चुअल ऑब्जर्वर का उपयोग भी किया जा रहा है। जैमर लगाए हैं। हर कक्षा कक्ष की सेंट्रलाइज सिस्टम से लाइव निगरानी रखी जा रही है