कोटा । 14 वें दीक्षांत समारोह की 25 मार्च को अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपत्ति श्री हरिभाऊ बागडे तथा सम्माननीय अतिथि के रूप में गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपत्ति प्रो रमा शंकर दुबे करेंगे शिरकत
14वें दीक्षांत समारोह में 9521 डिग्रियों, । कुलाधिपति एवं 1 कुलपति स्वर्ण पदक एवं सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 20 विद्यार्थियों को स्वर्ण स्वर्ण पदक और 36 पीएचडी डिग्री का होगा वितरण
अकादमिक उत्कृष्टता और प्रौद्योगिकी के वैश्विक माहौल के निर्माण के साथ प्रदेश में तकनीकी शिक्षा की सर्वांगीण उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है आरटीयू: प्रो एसके सिंह कुलपति
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू), कोटा का 14वीं दीक्षांत समारोह 25 मार्च 2025 को केडीए ऑडिटोरियम, कोटा में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 9521 विद्यार्थियों को डिग्रियों प्रदान की जाएंगी। समारोह के दौरान कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 20 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 36 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी।
इस समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे करेंगे, जबकि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमा शंकर दुबे सम्माननीय अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समारोह में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रबन्ध मण्डल एवं विद्या परिषद के सदस्यगण राजस्थान राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, राजभवन के अधिकारी, विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, कुलसचिव, विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों के चेयरमैन, निदेशक, प्राचार्य, विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, संकाय सदस्य, शिक्षक, विभिन्न शिक्षाविद, विद्यार्थी व उनके अभिभावक, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं आमंत्रित विशिष्ट अतिधिगण भी शामिल होंगे।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा, प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार का प्रतीक बन चुका है। उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण, अनुसंधान और उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से यह संस्थान विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। आरटीयू ने तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के साथ-साथ नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और शोध के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।