जैसलमेर । एचआरडीपी परियोजना लॉन्च कार्यशाला बुधवार को जैसलमेर स्थित होटल रामाड़ा में आयोजित की गई। जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रश्मि रानी ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया एवं एचआरडीपी परियोजना पर विस्तृत चर्चा की।
एसीपीई (बीएआईएफ) जयकुमार सिंह ने एचडीएफसी परिवर्तन और बीएआईएफ का संक्षिप्त परिचय दिया और एचआरडीपी परियोजना के लक्ष्यों, क्रियान्वयन और संभावित प्रभाव पर एक दृश्य प्रस्तुति पेश की। उन्होंने कहा कि एचआरडीपी परियोजना रामगढ़ तहसील के ग्रामीण समुदायों की क्षमता निर्माण और ग्राम स्तर पर सत्त विकास को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह परियोजना जल एवं मृदा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और फसल विविधीकरण जैसे सत्त समाधान को अपनाकर दीर्घकालिक समृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है।
इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिनमें संयुक्त निदेशक डॉ. उमेश वर्गंटीवार एवं उप निदेशक सुरेंद्र सिंह तंवर (पशुपालन विभाग), केवीके प्रमुख डॉ. दीपक चतुर्वेदी, अधीक्षण अभियंता श्री कोशल पालीवाल (जल संरक्षण विकास), सहायक निदेशक प्रदीप चौधरी (कृषि विभाग), वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हेतू दान शामिल रहे। इसके अलावा, एचडीएफसी सीएसआर प्रबंधक सुनीता , एचडीएफसी शाखा प्रबंधक वरुण गोपाल पुरोहित, बीएआईएफ टीम के प्रतिनिधि प्रभात प्रियांशु, सुशांत कुमार, राकेश उपाध्याय, प्रवीन पटेल, विशाल वर्मा, परियोजना से जुड़े गांवों के सरपंच समुद्र सिंह (हाबूर), भंवर सिंह (राघवा) सहित अन्य लाभार्थी भी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी। मुख्य अतिथि एवं सरकारी अधिकारियों ने परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही सभी उपस्थित लोगों ने इस पहल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
अंत में बीएआईएफ टीम, जैसलमेर के परियोजना समन्वयक प्रभात प्रियांशु ने अतिथियों और सहयोगियों की बहुमूल्य उपस्थिति एवं योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया