इस समारोह में कुल 9521 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 36 पीएचडी, 212 एमटेक, 1 एमआर्क, 745 एमबीए, 595 एमसीए, 7817 बीटेक, 113 बीआर्क व 2 बीएचएमसीटी के छात्र शामिल रहे। इस वर्ष 7487 छात्र व 2034 छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। कुलाधिपति स्वर्ण पदक एमटेक के आदित्य शर्मा को व कुलपति स्वर्ण पदक बीटेक की रश्मि कुमारी को प्रदान किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों में 20 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 11 छात्र व 9 छात्राएं सम्मिलित रहीं।
अपने संबोधन में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, नए जीवन की शुरुआत है। तकनीकी शिक्षा को तर्कसंगत बनाना आवश्यक है। नई शिक्षा नीति सर्वांगीण विकास पर आधारित है, इसलिए पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाएं। स्थानीय ज्ञान-विज्ञान व अनुसंधान को मातृभाषाओं में लाने के प्रयास होने चाहिए।
गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमा शंकर दुबे ने कहा कि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयां दी हैं। नवाचार व शोध से विद्यार्थियों को देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देना चाहिए।
कुलपति प्रो. एसके सिंह ने राज्यपाल के मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट किया और विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय रोजगारपरक व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे विद्यार्थी वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें। उन्होंने डिग्री व स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।