गौ सेवा परमो धर्मः बांके बिहारी
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16 Dec 17
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बाडमेर। ’गौ सेवा से बढकर कोई सेवा नहीं। शास्त्रों में तो कामधेनु आदि गौ महत्व के बारे में बताया गया है, लेकिन विज्ञान में भी गौ को लेकर काफी महत्व है। विज्ञान में भी गौ को चमत्कारिक माना गया है। गौ की जितनी सेवा की जावें वह कम है। गौ सेवा परमो धर्म है। ‘यह प्रवचन कथा वाचक बांके बिहारी महाराज ने गुरूवार को मां भगवती गौशाला एवं गौ विज्ञान केन्द्र व नीम्बडी माता चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में नीम्बडी माता मंदिर परिसर में गौ सेवार्थ चल रही श्रीमद्भागवत संगीतमय कथा ज्ञान यज्ञ में कही। कथा में ट्रस्ट अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता, सुशीला मेहता, बांकेसिंह राजपुरोहित, साहिबसिंह सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरूवार को कथा वाचक बांके बिहारी महाराज ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद हमेशा सरल स्वभाव के व्यक्तियों पर अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को कर्म अवश्य करने चाहिए किन्तु भगवान की प्राप्ति के लिए भी निरन्तर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि कलयुग में जिस ढंग से संतों का मान घट रहा है, किन्तु सद्मार्ग पर चलने वाले संतों को कोई भी कष्ट पीडा नहीं हो सकती। जिसको भगवान के अलावा किसी से कोई लेना देना नहीं, किसी वस्तु की चाह नहीं वह भला कभी परेशान नहीं हो सकता। वह तो हमेशा प्रभु भक्ति में तल्लीन रहकर आनन्द की जिंदगी जीते हुए परमानन्द को प्राप्त करते है। नींबडी धाम में अर्द्ध कुंभ सुईयां मेले जाने वाले यात्रियों की सेवार्थ मेले का आयोजन रखा गया है। यहां पर भी यात्रियों के ठहरने, खाने-पीने की व्यवस्था रखी गई है। मंदिर की आकर्षक सजावट की गई है। मां भगवती गौशाला एवं गौ विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा १९ दिसंबर तक चलेगी। अर्द्ध कुंभ सुंईया मेले आने-जाने वाले यात्रियों व अन्य गौ सेवा प्रेमियों के लिए गौ सेवार्थ श्रीमद्भागवत संगीतमय कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन रखा गया है।
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