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Udaipur News

उदयपुर जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान

जिला परिषद के 36 और पंचायत समिति सदस्य पद के 248 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में दर्ज

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उदयपुर जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान

उदयपुर । पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के द्वितीय चरण में बुधवार को उदयपुर जिले में लोकतंत्र का उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।

गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की रेलमपेल रही।

युवा मतदाताओं के साथ ही बुजुर्गों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में भागीदारी निभाते हुए लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। जिले की 6 पंचायत समितियों के 458 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ।

जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल और जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में प्रशासन एवं पुलिस की मुस्तैदी से जिले भर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।द्वितीय चरण के तहत जिले की बड़गांव, देवला, गोगुंदा, कोटड़ा, सायरा तथा सुलाव पंचायत समितियों में जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतदान हुआ।

इस चरण में जिला परिषद के 14 तथा पंचायत समितियों के 96 वार्डों के लिए मतदान हुआ। मतदान को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही उत्सवी माहौल नजर आया।

मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें दिखाई दीं।

लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं में विशेष उत्साह रहा।

ग्रामीण क्षेत्रों में युवा, महिला और बुजुर्ग मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक मतदान में भाग लिया।जिले की सभी छह पंचायत समितियों में सुबह 10 बजे तक कुल 11.89 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इसके बाद मतदान की गति में तेजी आई और दोपहर 1 बजे तक 39.29 प्रतिशत तथा अपराह्न 3 बजे तक 55.70 प्रतिशत पहुंच गया।बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने भी दिखाया उत्साहपंचायतीराज चुनाव के द्वितीय चरण में बुजुर्ग मतदाताओं का उत्साह लोकतंत्र के प्रति उनकी गहरी आस्था का परिचायक बना।

उम्र के इस पड़ाव पर भी बुजुर्ग मतदाताओं ने मतदान केंद्रों तक पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। वहीं दिव्यांग मतदाता भी पीछे नहीं रहे।

उन्होंने भी मतदान केंद्रों तक पहुंच कर लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया।युवा जोश से सराबोर रहा लोकतंत्र का उत्सवयुवा मतदाताओं का उत्साह भी देखते ही बना।

मतदान केंद्रों पर युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने लोकतंत्र के उत्सव में नया जोश भर दिया। युवा मतदाताओं ने अपने क्षेत्र के विकास और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ मतदान में भागीदारी निभाई।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक युवाओं का उत्साह मतदान केंद्रों पर स्पष्ट दिखाई दिया।आधी आबादी ने दिखाई पूरी भागीदारीमहिला मतदाताओं ने भी उत्साहपूर्वक लोकतांत्रिक दायित्व निभाया।

ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। घरेलू जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर महिलाओं ने मतदान में भाग लिया और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने ग्रामीण लोकतंत्र में उनकी सशक्त भूमिका को रेखांकित किया।सेवा और समर्पण की मिसाल बने एनएसएस-स्काउट स्वयंसेवकमतदान केंद्रों पर एनएसएस एवं स्काउट स्वयंसेवकों ने सेवा और समर्पण का परिचय दिया।

स्वयंसेवकों ने मतदाताओं की सहायता करते हुए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने में सहयोग किया। विशेष रूप से बुजुर्ग एवं जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने तथा आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही।

लोकतंत्र के इस महापर्व में स्वयंसेवकों की सेवाभावना ने सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया। उनके सहयोग से मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में सुविधा मिली।