जयपुर। राजस्थान में पत्रकारों के हितों के लिए हमेशा गहलोत सरकार का नाम आगे रहा है और भाजपा सरकार के लिए नकारात्मकता रही है परंतु इस बार भाजपा की भजन लाल सरकार ने पत्रकारों के लिए ऐसी योजना लागू करने जा रहा है जिसकी घोषणा कल मुख्यमंत्री भीलवाड़ा प्रवास के दौरान करेंगे और क्रियान्वित करेंगे पत्रकारों के हितों के लिए यह योजना लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार राजस्थान में पहली बार पत्रकारों के परिवार की चिकित्सा के लिए राजस्थान जॉर्नलिस्ट हेल्थ स्किम (आरजेएचएस) लागू करने जा रही है ।।इस योजना के अंतर्गत अधिस्वीकृत पत्रकारों को निगम, प्राधिकरण और बोर्ड आदि के कर्मचारियों की तरह अधिकतम दस लाख रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के लिए वर्तमान में आरजीएचएस योजना लागू है। इस योजना के तहौ सरकारी कर्मचारी सरकार के अधीन होता है, इसलिए उसे प्रतिमाह चिकित्सा के नाम पर कुछ राशि वेतन के साथ कटौती होती है जबकि बोर्ड, निगम व प्राधिकरण के कर्मचारियों की चिकित्सा का भुगतान सम्बंधित संस्थान करता है। वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार से एक कदम आगे बढाते हुए पत्रकारो के लिए यह योजना लागू करने का निर्णय लिया है।
इस योजना के अंतर्गत सभी अधिस्वीकृत पत्रकारों को एक कार्ड डीआईपीआर से जारी किया जाएगा। यह कार्ड उन सभी अस्पतालों में प्रभावी होगा जहां आरजीएचएस योजना लागू है। जैसे जयपुर में फोर्टिस, शैलबी, नायरणा, सीके बिड़ला, मैक्स, मंगलम, इंडस, इटरनल, दुर्लभजी, टोंग्या आदि सम्मिलित है अर्थात प्रदेश के सभी अस्पताल आरजेएचएस के दायरे में आ जाएंगे।
पत्रकारों को केवल कार्ड दिखाना होगा। इस पर इनडोर इलाज फ्री में प्रारम्भ हो जाएगा तथा दस लाख की सीमा को देखते हुए भर्ती होने पर पत्रकार या उसके परिजन डीलक्स रूम अर्थात काॅटेज का लाभ ले सकेगा। आउटडोर इलाज के लिए राज्य सरकार द्वारा टेस्ट एवं चिकित्सक की शुल्क पत्रकार को स्वयं वहन करनी होगी।
भीलवाड़ा में 28 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में आरजेएचएस योजना की अधिसूचना के फोल्डर का विमोचन किया जाएगा.ततपश्चात जयपुर में एक समारोह आयोजित कर वरिष्ठ पत्रकारों को कार्ड वितरित कर योजना का विधिवत शुभारम्भ किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि किसी पत्रकार के इलाज पर दस लाख से अधिक की राशि व्यय होती है तो शेष राशि राज्य सरकार अलग से स्वीकृत करेगी।
विदित है की इससे पहले प्रदेश की कांग्रेस सरकार मे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में पत्रकारों को लैपटॉप दिए थे तथा मेडिकल डायरी पर ₹5000 प्रति साल दवाई की सुविधा उपलब्ध कराई थी और वरिष्ठ अधिसूके पत्रकारों को ₹15000 पेंशन की सुविधा चालू की थी लेकिन इससे पहले प्रदेश की भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पत्रकार को दी जाने वाली ₹5000 की पेंशन को भी बंद कर दिया था और पत्रकारों के हितों के लिए कोई लाभकारी योजना शुरू नहीं की थी।